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DM ने न्यू टर्मिनल बिल्डिंग और रनवे टनल का किया निरीक्षण, निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश

 

वाराणसी: जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने रविवार को लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चल रहे मेगा विस्तारीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन न्यू टर्मिनल बिल्डिंग, रनवे के नीचे बन रही विशेष सुरंग (टनल) तथा अन्य परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एयरपोर्ट परिसर में हो रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। स्थानीय भूजल स्तर को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे संशोधित निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।

डीएम ने न्यू टर्मिनल बिल्डिंग के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करते हुए निर्माण कार्य की गति बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही रनवे विस्तार के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के नीचे बन रही विशेष टनल की तकनीकी प्रगति और सुरक्षा मानकों का भी परीक्षण किया। उन्होंने एनएचएआई और निर्माण एजेंसियों को तय समय के भीतर परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, गंजारी का भी जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि स्टेडियम का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्यों को भी जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

₹2870 करोड़ की लागत से हो रहा एयरपोर्ट का विस्तार

लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग 2,870 करोड़ रुपये की लागत से मेगा विस्तार परियोजना पर कार्य तेजी से चल रहा है। इस परियोजना के तहत नया टर्मिनल भवन, रनवे विस्तार, समानांतर टैक्सी-वे, नया एप्रन और रनवे के नीचे अंडरपास सुरंग का निर्माण किया जा रहा है।

परियोजना पूरी होने के बाद एयरपोर्ट की यात्री क्षमता 3.9 मिलियन से बढ़कर 9.9 मिलियन यात्रियों प्रति वर्ष हो जाएगी। 75,000 वर्ग मीटर में बनने वाला नया टर्मिनल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसकी डिजाइन में काशी की सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई देगी।

पुराने और नए टर्मिनल को जोड़ने के लिए पूरी तरह वातानुकूलित स्मार्ट ग्लास कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रैवलरेटर (मूविंग वॉकवे) भी लगाए जाएंगे।

जंबो विमानों की लैंडिंग होगी संभव

परियोजना के तहत रनवे की लंबाई 2,750 मीटर से बढ़ाकर 4,075 मीटर की जा रही है। इसके अलावा नया एप्रन बनने से एक साथ 20 से अधिक विमानों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। विस्तार कार्य पूरा होने के बाद एयरपोर्ट बड़े कार्गो और जंबो विमानों का संचालन करने में सक्षम हो जाएगा।

'ग्रीन एयरपोर्ट' के रूप में होगा विकसित

एयरपोर्ट को ऊर्जा संरक्षण और सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग के साथ 'ग्रीन एयरपोर्ट' के रूप में विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के सभी प्रमुख कार्य वर्ष 2027 तक पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता, एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा, एनएचएआई के अधिकारी तथा एयरपोर्ट प्रबंधन से जुड़े अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।