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निवेशकों की समस्याओं पर डीएम सख्त, अधिकारियों को समय से समाधान के निर्देश

 

 

वाराणसी। जिले में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु समिति और एमओयू क्रियान्वयन इकाई की बैठक हुई। बैठक में जिले में प्रस्तावित निवेश, उद्योगों की प्रगति और निवेशकों के सामने आ रही समस्याओं की समीक्षा की गई।

उपायुक्त उद्योग ने बताया कि वाराणसी में अब तक 202 एमओयू के जरिए ₹24,190.03 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है। इनमें से 101 परियोजनाएं पूरी तरह ऑपरेशनल हो चुकी हैं और करीब ₹5,284.65 करोड़ का निवेश धरातल पर उतर चुका है। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि निवेशकों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी न हो और उनकी समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाए।

डीएम ने वीडीए, अग्निशमन, राजस्व सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को निवेशकों के साथ समन्वय बनाकर लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। औद्योगिक आस्थान चांदपुर में विद्युत बिल भुगतान, लोडिंग और सड़कों पर खड़े ट्रकों की समस्या को लेकर एआरटीओ को पुलिस बल के साथ कार्रवाई करने को कहा गया। वहीं औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित ठेले और खोमचे हटाने के लिए अपर नगर आयुक्त को निर्देश दिए गए।

इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त कराने, पोस्ट ऑफिस के जर्जर भवन को खाली कराने और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों का भी जल्द निस्तारण करने को कहा।

बैठक में जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिया कि जिले में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए उपलब्ध सुविधाओं, अनुदानों और सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक उद्यमी इनका लाभ उठा सकें।

जिलाधिकारी ने उद्यमियों और निवेशकों से अपील की कि वाराणसी में उद्योग लगाने के लिए अनुकूल माहौल, प्रशासनिक सहयोग, त्वरित स्वीकृतियां और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं उपलब्ध हैं। इच्छुक निवेशक आगे आएं, जिला प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान और जरूरी सहयोग के लिए तत्पर है।

बैठक में सीडीओ प्रखर कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन राजेश कुमार, उपायुक्त उद्योग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।