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शारदीय नवरात्र में विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पर रोक, 20 घंटे होंगे मां के दर्शन
 

 

मिर्जापुर। 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्र मेले के दौरान मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही मां विंध्यवासिनी के चरण स्पर्श की अनुमति भी नहीं होगी। नवरात्र के दौरान श्रद्धालु बाहर से ही मां के दर्शन कर सकेंगे।

श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी के अनुसार, नवरात्र में मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं को 24 घंटे में लगभग 20 घंटे दर्शन मिल सकेंगे। केवल शृंगार और अन्य निर्धारित धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान एक-एक घंटे के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगे।

VIP दर्शन के लिए दोपहर 2 बजे के बाद का प्रस्ताव

नवरात्र मेले की तैयारियों को लेकर गुरुवार को जिला प्रशासन और श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में पंडा समाज की ओर से सुझाव दिया गया कि वीआईपी श्रद्धालुओं को दोपहर दो बजे के बाद दर्शन की अनुमति दी जाए, ताकि सामान्य श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो।

जिला प्रशासन ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई है। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, सफाई, यातायात और मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।

8 अक्टूबर तक तैयारियां पूरी करने के निर्देश

प्रशासन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को 8 अक्टूबर तक नवरात्र मेले से जुड़े सभी जरूरी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं। मंदिर परिसर में रंगाई-पुताई का कार्य शुरू हो चुका है। इसके साथ ही सफाई और बिजली व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है।

गंगा के बढ़े जलस्तर को देखते हुए प्रशासन इस बार घाटों पर फ्लोटिंग बैरिकेडिंग कराने की भी तैयारी कर रहा है। नौका संचालन के नियम सख्त किए जाएंगे और नाव पर सवार सभी श्रद्धालुओं के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा।

घाटों पर सिल्ट और खराब रास्ते बढ़ा रहे चिंता

हालांकि मेले की तैयारियों के बीच कई स्थानों की स्थिति अभी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। नवरात्र शुरू होने में कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन प्रमुख गंगा घाटों तक जाने वाले कई रास्ते बदहाल हैं।

अखाड़ा घाट जाने वाले मार्ग पर सड़क क्षतिग्रस्त है। जगह-जगह उखड़ी गिट्टियां, टूटी नालियां और कीचड़ श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।

विंध्याचल रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, पटेंगरा और मोतीझील वाहन स्टैंड की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अखाड़ा घाट प्रमुख स्नान स्थलों में शामिल है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद नवनिर्मित गुलाबी पत्थरों वाले घाट पर मोटी सिल्ट जमा हो गई है। आसपास का अतिक्रमण भी आवागमन को प्रभावित कर रहा है।

तीन साल से चल रहा स्टेशन रोड चौड़ीकरण

विंध्याचल रेलवे स्टेशन रोड के चौड़ीकरण का काम करीब तीन साल से जारी है। कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण के बाद गिट्टियां डालकर सड़क छोड़ दी गई है। अमृत योजना के तहत बिछाई गई सीवर लाइन की मरम्मत का काम भी चल रहा है।

ऐसे में नवरात्र के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने पर जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासनिक बैठक में संबंधित विभाग के अधिशासी अभियंता ने 4 अक्टूबर तक सड़क से जुड़े आवश्यक कार्य पूरा कराने का भरोसा दिया है।

डीएम बोले- श्रद्धालुओं को मिलेंगे सुगम दर्शन

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कहा कि शारदीय नवरात्र को लेकर प्रशासन का पूरा प्रयास है कि सभी श्रद्धालुओं को मां विंध्यवासिनी के सुगम दर्शन मिल सकें। तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। परंपरागत व्यवस्थाओं के साथ श्रद्धालुओं की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।