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पहले आसमान में दिखा ड्रोन, फिर ATC में घुसे तीन ‘आतंकी’… वाराणसी एयरपोर्ट पर क्या हुआ?
 

 

वाराणसी। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मंगलवार दोपहर अचानक सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं। वॉच टावर से एयरपोर्ट की ओर बढ़ता एक ड्रोन दिखाई देने के बाद सिक्योरिटी ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर को सूचना दी गई। इसके बाद सीआईएसएफ, यूपी एटीएस, बीडीडीएस, डॉग स्क्वाड, पुलिस और एयरपोर्ट अथॉरिटी समेत विभिन्न एजेंसियां सक्रिय हो गईं।

इसी दौरान एटीसी भवन में तीन सशस्त्र आतंकियों के घुसने की सूचना मिलने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। हालांकि, यह पूरा घटनाक्रम सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल का हिस्सा था।

वॉच टावर से दिखा ड्रोन, एजेंसियों को किया गया अलर्ट

दोपहर 1:26 बजे वॉच टावर संख्या-2 पर तैनात सुरक्षाकर्मी ने एयरपोर्ट की ओर आते एक यूएवी ड्रोन को देखा। इसकी सूचना तत्काल सिक्योरिटी ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर को दी गई।

इसके बाद एटीसी, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, यूपी पुलिस, सीआईएसएफ बीडीडीएस, क्यूआरटी और यूपी एटीएस समेत संबंधित एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया।

करीब 1:35 बजे ड्रोन को महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान के लिए संभावित खतरा मानते हुए उसे कार्गो सिटी की ओर गिराए जाने का अभ्यास किया गया। इसके बाद सीआईएसएफ क्यूआरटी और यूपी एटीएस की टीमों ने इलाके की घेराबंदी कर दी।

IED की आशंका पर ड्रोन की जांच

सीआईएसएफ बीडीडीएस और डॉग स्क्वाड ने ड्रोन की जांच शुरू की। ड्रोन में संभावित आईईडी पेलोड होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा प्रक्रिया पूरी की गई। जांच के बाद ड्रोन को सुरक्षित घोषित कर दिया गया।

ATC भवन में तीन ‘सशस्त्र आतंकियों’ के घुसने का परिदृश्य

ड्रोन से जुड़े अभ्यास के कुछ ही मिनट बाद दोपहर 1:40 बजे एटीसी भवन में तीन सशस्त्र आतंकियों के जबरन घुसने की काल्पनिक सूचना दी गई।

मॉक ड्रिल के तहत एक नागरिक की मौत, जबकि एक पीएसए और एक नागरिक के घायल होने की स्थिति तैयार की गई। एटीसी टावर में सीआईएसएफ की तैनाती को देखते हुए हमले को ग्राउंड फ्लोर तक सीमित रखने का परिदृश्य बनाया गया।

सूचना मिलते ही सीआईएसएफ और यूपी एटीएस की संयुक्त टीमें एटीसी भवन में दाखिल हुईं। सुरक्षा बलों ने तीनों काल्पनिक आतंकियों को निष्प्रभावी किया और घायल कर्मियों व नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालकर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की।

ATC और आसपास के इलाके की हुई तलाशी

किसी अन्य खतरे की आशंका को देखते हुए सीआईएसएफ बीडीडीएस और एटीएस बीडीडीएस की संयुक्त टीमों ने एटीसी भवन और आसपास के क्षेत्र की जांच की।

तलाशी पूरी होने के बाद दोपहर 2:30 बजे क्षेत्र को सुरक्षित घोषित कर दिया गया। इसके दो मिनट बाद 2:32 बजे इंटीग्रेटेड कमांड पोस्ट के प्रभारी ने अभ्यास समाप्त होने की घोषणा की।

84 अधिकारी और जवान हुए शामिल

यह पूरा अभ्यास बहु-एजेंसी सब-कन्वेंशनल एरियल थ्रेट एवं वार्षिक सीटीसीपी मॉक ड्रिल के तहत आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था।

मॉक ड्रिल में कुल 84 अधिकारियों और जवानों ने हिस्सा लिया। इनमें सीआईएसएफ के 30, यूपी एटीएस के 30, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के 10, एएआई फायर के पांच, यूपी पुलिस के तीन, एमआई रूम के दो, बीसीएएस के दो और आईबी के दो कर्मी शामिल रहे।

अभ्यास के दौरान ड्रोन से संभावित हवाई खतरे और एटीसी भवन पर आतंकी हमले जैसी काल्पनिक परिस्थितियों में विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों, आपसी तालमेल और प्रतिक्रिया क्षमता को परखा गया।