वन विभाग ने हर्षोल्लास से मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस, उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित
वाराणसी। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वन विभाग, वाराणसी की ओर से वन भवन, अशोक विहार, पहड़िया में गरिमापूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन संरक्षक, वाराणसी वृत्त डॉ. रवि कुमार सिंह ने की। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त अधिकारी एवं आईपीटीआरआई, बेंगलुरु के डायरेक्टर सी.एन. पाण्डेय रहे। इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी वाराणसी निधि चौहान सहित विभागीय अधिकारी, क्षेत्रीय वनाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ हुआ। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने देश की स्वतंत्रता, एकता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। वन संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और विभागीय दायित्वों के निर्वहन में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में वन विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का भी सम्मान किया गया। उनके दीर्घकालीन योगदान और अनुभव को विभाग की महत्वपूर्ण विरासत बताते हुए वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया।
अपने संबोधन में वन संरक्षक डॉ. रवि कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक और विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। वन विभाग की जिम्मेदारी केवल वनों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संतुलन, जैव विविधता के संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए हरित एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करना भी विभाग का दायित्व है।
उन्होंने “वोकल फॉर लोकल” और “वुड फॉर गुड” का संदेश देते हुए प्लास्टिक के प्रयोग से बचने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
मुख्य अतिथि सी.एन. पाण्डेय ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए वन संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर बेहतर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने स्वदेशी एवं काष्ठ आधारित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने, विदेशी सामान पर निर्भरता कम करने और इससे रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।
प्रभागीय वनाधिकारी निधि चौहान ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की। उन्होंने वानिकी कार्यों को और प्रभावी बनाने तथा जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।