वाराणसी पहुंचे पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना, चखा बनारसी बाटी-चोखा का स्वाद; यूपी में अधिक रणजी टीमें बनाने की उठाई मांग
वाराणसी। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्टार खिलाड़ी सुरेश रैना बुधवार की देर रात जौनपुर से वाराणसी पहुंचे। जौनपुर प्रीमियर लीग के समापन समारोह में शामिल होने के बाद रैना ने काशी के पारंपरिक खानपान का आनंद लिया। उन्होंने शहर के प्रसिद्ध बाटी-चोखा रेस्टोरेंट में पहुंचकर देसी व्यंजनों का स्वाद चखा और बनारस की संस्कृति एवं परंपराओं से भी रूबरू हुए।
वाराणसी पहुंचने के बाद सुरेश रैना ने बाबा काशी विश्वनाथ के दरबार में दर्शन के लिए भी अर्जी लगाई। इस दौरान उनके शहर में मौजूद होने की जानकारी मिलते ही कुछ प्रशंसक उनसे मिलने रेस्टोरेंट पहुंच गए। रैना ने स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेने के साथ काशी की पारंपरिक जीवनशैली के बारे में भी जानकारी ली।
जौनपुर प्रीमियर लीग में खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
इससे पहले सुरेश रैना जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित जौनपुर प्रीमियर लीग के फाइनल मुकाबले में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी से युवा खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान रैना ने खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने मैदान पर क्रिकेट भी खेला और प्रशंसकों को ऑटोग्राफ दिए। रैना ने प्रतियोगिता के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट ग्रामीण और स्थानीय स्तर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
यूपी में एक से अधिक रणजी टीमों की जरूरत : सुरेश रैना
जौनपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान सुरेश रैना ने उत्तर प्रदेश के क्रिकेट ढांचे को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें अपनी क्षमता साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।
रैना ने प्रदेश में एक से अधिक रणजी टीमें बनाने की वकालत की। उनका मानना है कि इससे अधिक संख्या में युवा खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में खेलने का मौका मिलेगा और प्रदेश की क्रिकेट प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
युवा खिलाड़ियों को दिया सफलता का मंत्र
सुरेश रैना ने युवा क्रिकेटरों को नियमित अभ्यास, अनुशासन और फिटनेस पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रतिभा के साथ कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास भी जरूरी है। खिलाड़ियों को मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ उठाना चाहिए।
जौनपुर में युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के बाद रैना का वाराणसी पहुंचकर बनारसी व्यंजनों का आनंद लेना उनके दौरे का खास हिस्सा रहा।