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36 साल पुराने देवकली पंप कैनाल फायरिंग केस में पूर्व MLC बृजेश सिंह बरी, कोर्ट ने दिया संदेह का लाभ
 

 

गाजीपुर। चर्चित देवकली पंप कैनाल मारपीट और फायरिंग मामले में पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह को अदालत ने बरी कर दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) नूतन द्विवेदी की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद उन्हें संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। बुधवार को आए इस फैसले के साथ करीब 36 साल पुराने मामले का न्यायिक पटाक्षेप हो गया।

मामला 3 दिसंबर 1990 का है। उस समय गाजीपुर के सैदपुर थाना क्षेत्र स्थित देवकली पंप कैनाल पर नहर निर्माण का कार्य चल रहा था। आरोप था कि बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह और विजयशंकर सिंह समेत कई लोग नीली मारुति कार से निर्माण स्थल पर पहुंचे और हथियारों से फायरिंग कर दहशत फैलाई।

आरोपियों पर मौके पर मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों के साथ मारपीट करने, निर्माण कार्य में बाधा डालने और खड़े ट्रक के टायर में गोली मारकर उसे पंक्चर करने का भी आरोप लगा था। मामले में ठेकेदार सरफराज अंसारी ने सैदपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष अपने-अपने तर्क रखे। गवाहों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों की जांच के बाद अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं हो सका।

इसी आधार पर सीजेएम नूतन द्विवेदी की अदालत ने बृजेश सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। करीब तीन दशक से अधिक समय तक लंबित रहे इस चर्चित मामले में अदालत के फैसले के साथ न्यायिक प्रक्रिया समाप्त हो गई।