अस्सी से गोदौलिया तक नुक्कड़ नाटकों ने दिया जनसेवा का संदेश, कल सिगरा और रामनगर समेत सात जगहों पर होगा मंचन
वाराणसी में ‘नमो सेवा गाथा’ अभियान के तहत मंगलवार को शहर के चार प्रमुख स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों के जरिए जनसेवा और जनकल्याणकारी योजनाओं का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और सेवा-संकल्पों के बारे में आम लोगों को जागरूक किया।
भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने बताया कि अभियान के तहत मंगलवार शाम सबसे पहले महामना मंडल के अस्सी चौराहा पर शाम 5 बजे नुक्कड़ नाटक का मंचन हुआ। इसके बाद शाम 6 बजे संकट मोचन मंदिर के पास कलाकारों ने प्रस्तुति दी। वहीं श्यामा प्रसाद मंडल के चितरंजन पार्क पुलिस सहायता केंद्र पर शाम 7 बजे और गोदौलिया चौराहा पर रात 8 बजे नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया।
इन प्रस्तुतियों में कलाकारों ने मनोरंजन के साथ जनसरोकार से जुड़े विषयों को भी उठाया। नाटकों के जरिए सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी सरल और रोचक तरीके से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
भाजपा महानगर अध्यक्ष ने बताया कि अभियान के अगले चरण में बुधवार 30 सितंबर को महानगर के चार मंडलों में सात प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन होगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे छावनी मंडल के नेहरू पार्क से होगी। इसके बाद सुबह 8 बजे सिगरा स्टेडियम और 9 बजे महमूरगंज तिराहा पर प्रस्तुति दी जाएगी।
इसके बाद रविदास मंडल के बीएलडब्ल्यू तिराहा पर सुबह 10 बजे और सुन्दरपुर सट्टी, ब्रिजइन्क्लेव के पास, सुबह 11 बजे नुक्कड़ नाटक आयोजित होगा। दोपहर के सत्र में रामनगर मंडल के रामनगर किला परिसर के बाहर 2 बजे और रामनगर घाट पर 3 बजे कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
मंगलवार को संकट मोचन मंदिर तिराहे पर रंगकला मंच की ओर से नुक्कड़
नाटक प्रस्तुत किया गया। इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता अशोक पाण्डेय, महानगर मंत्री अमित खरे, मीडिया प्रभारी प्रमील पाण्डेय, मंडल अध्यक्ष अनुराग शर्मा, डॉ. नन्द जी पाण्डेय, जगन्नाथ ओझा, कार्यक्रम संयोजक प्रिंस द्विवेदी, अनुपम दुबे, शिवम गुप्ता, शालिनी सिंह, शशि नाथ दुबे और विपिन ओझा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रदीप अग्रहरि ने काशीवासियों, प्रबुद्ध नागरिकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने और नुक्कड़ नाटकों के जरिए दिए जा रहे जनजागरूकता संदेश को देखने की अपील की।