Emergency Exit से Fire NOC तक... वाराणसी के कोचिंग सेंटरों के लिए VDA और फायर विभाग ने बनाया सख्त प्लान
वाराणसी: लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद वाराणसी प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। अब शहर के स्कूलों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में गुरुवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और अग्निशमन विभाग ने शहर के शैक्षणिक और कोचिंग संस्थानों के संचालकों के साथ अहम बैठक की। अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब बिना नियमों के नहीं चलेंगे स्कूल और कोचिंग सेंटर
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि हर शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान का संचालन केवल स्वीकृत भवन मानचित्र और स्वीकृत भूमि उपयोग के अनुसार ही होना चाहिए। अगर कोई संस्थान नियमों के विपरीत संचालित पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि शहर में लगातार निरीक्षण अभियान चल रहा है और भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा।
Emergency Exit, Fire Alarm और Fire NOC पर सबसे ज्यादा जोर
बैठक में अग्निशमन विभाग ने संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर भवन में पर्याप्त Emergency Exit, फायर अलार्म, अग्निशामक यंत्र, होज़ रील, इमरजेंसी लाइट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण पूरी तरह काम करने की स्थिति में होने चाहिए।
जहां Fire NOC जरूरी है, वहां उसका होना और समय-समय पर उसका नवीनीकरण कराना भी अनिवार्य होगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि आग लगने के बाद बचाव नहीं, बल्कि पहले से तैयारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा होती है।
बेसमेंट और छत का गलत इस्तेमाल नहीं चलेगा
बैठक में यह भी साफ किया गया कि बेसमेंट, छत या किसी अन्य हिस्से का उपयोग स्वीकृत उद्देश्य से हटकर नहीं किया जा सकता। कई जगहों पर बेसमेंट में क्लास चलाने और स्टोर के रूप में इस्तेमाल करने की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया जाएगा।
बिजली की वायरिंग और भवन की सुरक्षा की होगी जांच
अधिकारियों ने संस्थानों को निर्देश दिया कि बिजली की वायरिंग, पैनल और जनरेटर की नियमित जांच कराई जाए। खराब वायरिंग या ओवरलोडिंग की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट कराना जरूरी होगा। इसके अलावा भवन के अंदर किसी भी तरह का अवरोध नहीं होना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में छात्र और शिक्षक आसानी से बाहर निकल सकें।
मॉक ड्रिल और Evacuation Plan भी होगा जरूरी
अब संस्थानों को समय-समय पर फायर मॉक ड्रिल आयोजित करनी होगी। साथ ही भवन के प्रमुख स्थानों पर Evacuation Plan भी लगाना होगा, ताकि किसी आपात स्थिति में अफरा-तफरी न मचे। अधिकारियों ने पार्किंग व्यवस्था और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह रखने के भी निर्देश दिए।
VDA बोला- कार्रवाई हमारा मकसद नहीं, बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी
बैठक को संबोधित करते हुए VDA के सचिव ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य संस्थानों को परेशान करना नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी संचालकों से अपील की कि वे स्वेच्छा से सभी नियमों का पालन करें और जरूरी अनुमति व प्रमाणपत्र समय पर प्राप्त कर लें।
निरीक्षण जारी रहेगा, नियम तोड़े तो होगी कानूनी कार्रवाई
बैठक में यह भी बताया गया कि VDA और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम लगातार स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर रही है। अगर किसी संस्थान में भवन मानचित्र, भूमि उपयोग, Fire NOC या अग्नि सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन मिला तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मृतकों को दी श्रद्धांजलि
बैठक की शुरुआत में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। अधिकारियों और संस्थान संचालकों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। VDA और अग्निशमन विभाग ने सभी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों से अपील की कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और सभी सुरक्षा मानकों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करें।