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लूट-चोरी से लेकर गौ-वध तक… वाराणसी पुलिस की बड़ी एक्शन प्लानिंग बैठक, जन शिकायतों पर अब नहीं होगी देर

 

Varanasi : गोमती जोन के पुलिस उपायुक्त श्री आकाश पटेल ने आज दिनांक 17 फरवरी 2026 को गोमती जोन कार्यालय में जोन के समस्त थाना प्रभारियों के साथ कार्यों की विस्तृत समीक्षा गोष्ठी आयोजित की। गोष्ठी में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, जन शिकायतों के निस्तारण और विभिन्न विशेष अभियानों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अपराधियों पर कठोर कार्रवाई और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

गोष्ठी में उठाए गए प्रमुख मुद्दे एवं निर्देश  

- गैंगेस्टर, गुंडा एक्ट एवं NDPS अधिनियम : इन धाराओं के तहत पंजीकृत अभियोगों की गहन समीक्षा की गई। वांछित एवं फरार अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए।  

- लंबित विवेचनाएं : विवेचकों के साथ नियमित बैठक आयोजित कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।  

- गौ-वध प्रकरण : गौ-वध से संबंधित मामलों में कठोर निरोधात्मक कार्रवाई, संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी एवं सक्रिय सूचना तंत्र बनाए रखने के निर्देश।  

- हिस्ट्रीशीटर अपराधी : HS अपराधियों की संख्या, उनके वर्तमान निवास, गतिविधियों एवं आजीविका का सत्यापन कर निरंतर निगरानी रखने को कहा गया।  

- लूट एवं चोरी की घटनाएं : वांछित अभियुक्तों की लोकेशन ट्रेस कर तकनीकी एवं पारंपरिक माध्यमों से शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश।  

- जन शिकायतें एवं IGRS प्रार्थना पत्र : इनका भौतिक सत्यापन कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर।  

- आगामी त्योहार : त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने के लिए पीस कमेटी की बैठक आयोजित करने, संवेदनशील एवं विवादित स्थलों का भ्रमण कर निवारक कार्यवाही करने के निर्देश।  

- माफिया एवं उनकी संपत्ति : चिन्हित माफियाओं एवं उनके परिजनों की अर्जित संपत्तियों का सत्यापन कर NDPS एक्ट (सफेमा) के तहत जब्ती/कुर्की की कार्रवाई प्रभावी रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश।  

उपायुक्त ने जोर दिया कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की सक्रियता और जनता के साथ समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों से कहा कि जनता की सुरक्षा और अपराधियों पर काबू पाने के लिए कोई कोर-कसर न छोड़ी जाए।