हिंदू नव वर्ष से ललिता घाट पर शुरू होगी भव्य गंगा आरती, जानिए समय ओर क्या होगा खास
वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को अब एक नई सुविधा मिलने जा रही है। भक्त अब गंगा द्वार से भी गंगा आरती का दिव्य दर्शन कर सकेंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से हिंदू नव वर्ष के पहले दिन 19 मार्च से ललिता घाट पर नियमित गंगा आरती शुरू कराई जाएगी।
जानकारी के अनुसार रोजाना शाम 6:45 बजे से गंगा आरती का आयोजन होगा, जो करीब 45 मिनट तक चलेगी। इस आरती में सात अर्चक शामिल होंगे और इसकी विधि नमो घाट पर होने वाली गंगा आरती की तर्ज पर ही संपन्न कराई जाएगी।
भक्तों को मिलेगी बड़ी सुविधा
प्रशासन के मुताबिक बनारस में गंगा किनारे होने वाली अन्य आरतियों की तरह ही ललिता घाट पर होने वाली गंगा आरती भी भव्य और आकर्षक होगी। अधिकारियों का कहना है कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अब गंगा द्वार से ही आरती देखने की सुविधा मिल सकेगी। इससे दशाश्वमेध घाट पर रोज शाम को उमड़ने वाली भीड़ का दबाव भी कम होगा।
एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि इस नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं को गंगा आरती देखने में अधिक सहूलियत होगी और घाटों पर व्यवस्था भी बेहतर बनी रहेगी।
नमो घाट पर पिछले साल शुरू हुई थी आरती
इससे पहले पिछले वर्ष 8 अक्तूबर को मंदिर न्यास की ओर से नमो घाट पर भी मां गंगा की दैनिक आरती शुरू कराई गई थी। यहां भी रोज शाम 6:45 बजे आरती होती है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
बनारस में चार प्रमुख स्थानों पर होती है गंगा आरती
वाराणसी में गंगा किनारे फिलहाल चार प्रमुख स्थानों पर गंगा आरती का आयोजन होता है। इनमें दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट और अस्सी घाट (दो स्थानों पर) शामिल हैं। इनमें सबसे प्रसिद्ध और भव्य गंगा आरती दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से कराई जाती है, जिसमें देश-विदेश के कई राष्ट्राध्यक्ष और नामचीन हस्तियां भी शामिल हो चुकी हैं।
अब ललिता घाट पर आरती शुरू होने से श्रद्धालुओं को एक और आध्यात्मिक केंद्र मिलेगा और काशी की धार्मिक परंपरा को नई मजबूती मिलेगी।