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ज्ञानवापी मामला: बदला जाएगा वजूखाने के सील ताले का फटा कपड़ा, 29 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

ज्ञानवापी के सील वजूखाने में खराब हुए कपड़े बदलने के लिए जिला कोर्ट ने शुक्रवार 24 अक्टूबर को दोनों पक्षों की सहमति से मंजूरी दी। जिला जज ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया। नया कपड़ा बदलने की प्रक्रिया 29 अक्टूबर को पूरी होगी।

 

ज्ञानवापी के सील वजूखाने के मामले में शुक्रवार 24 अत्टूबर को जिला कोर्ट में सुनवाई हुई। प्रदेश सरकार के काउंसिल की एप्लिकेशन और हिंदू यानी श्रृंगार गौरी पक्ष की दलील पर जिला जज ने दोनों पक्षों की रजामंदी से कपड़ा बदलने पर सहमति दे दी है। जिला जज संजीव शुक्ला ने सील कपड़े को बदलने की मांग स्वीकार कर ली है, लेकिन इसके बदलाव में अलग से आदेश करने की जगह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन का जिक्र किया।

 जिला जज ने सरकार की ओर से एप्लिकेशन वापस लेने और तीनों पक्षों की सहमति को अनिवार्य बताया। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जिला जज ने दोनों पक्षों से स्पष्ट पूछा कि क्या आपलोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश मानेंगे या नहीं, इस पर दोनों पक्षों ने सहमती जताई, जिसपर जिला जज ने कहा, कपड़ा बदलने में दोनों पक्षों को कोई आपत्ति नहीं है। अब 29 अक्टूबर को ये कन्फर्म होगा कि ताले का कपड़ा कब बदला जाएगा। 

जिरह के दौरान जज ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने जिलाधिकारी वाराणसी को कंट्रोलर बनाया है। अब 29 अक्टूबर को DM और हिंदू-मुस्लिम पक्ष को बुलाया गया है, डेट कन्फर्म होने के बाद सभी सहमति से ज्ञानवापी पहुंचेंगे। सभी की मौजूदगी में सील कपड़े को बदला जाएगा। 

बता दें कि अर्जी में कहा गया था कि ज्ञानवापी के सील वजूखाने में लगे हुए कपड़े बारिश के कारण खराब होकर गल गए हैं। इन्हें बदलना अति आवश्यक है। इसपर अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से आपत्ति दाखिल की थी। जबकि हिंदू पक्ष के ओर से कोई आपत्ति दाखिल नहीं करने की बात कही गई थी।