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गंगा में इफ्तार पार्टी विवाद पर हाईकोर्ट सख्त, आरोपियों की जमानत पर 5 मई को सुनवाई

वाराणसी में गंगा नदी में इफ्तार पार्टी और मांसाहार के आरोपों वाले मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी पर 5 मई की तारीख तय की है। इस प्रकरण ने धार्मिक भावनाओं और नदी की स्वच्छता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।

 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में गंगा नदी में इफ्तार पार्टी से जुड़े विवादित मामले में आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 5 मई की तारीख तय की है। न्यायमूर्ति जितेन्द्र कुमार सिन्हा की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान पक्षकारों के अनुरोध पर अगली तारीख निर्धारित की गई।

सरकार से मांगा गया था जवाब

इससे पहले अदालत ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय दिया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट पूरी प्रक्रिया को विस्तार से सुनने के बाद ही निर्णय लेने के मूड में दिखाई दे रहा है।

क्या है पूरा विवाद

वाराणसी में मार्च महीने के दौरान गंगा नदी के बीच नाव पर आयोजित एक इफ्तार पार्टी का वीडियो सामने आया था, जिसने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया। आरोप है कि इफ्तार के दौरान कुछ लोगों ने मांसाहार किया और उसके अवशेष नदी में फेंक दिए, जिससे गंगा की पवित्रता और स्वच्छता को नुकसान पहुंचा।

वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद

सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया। कई संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

एफआईआर और गिरफ्तारी की कार्रवाई

भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी रजत जायसवाल की शिकायत पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दानिश सैफी, आमिर कैफी, नूर इस्लाम समेत कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।