{"vars":{"id": "130921:5012"}}

होलिका दहन आधी रात के बाद, देशभर में 4 मार्च को होगी होली, जानिए काशी में कब

 

वाराणसी। इस वर्ष होली को लेकर पंचांग, भद्रा और चंद्रग्रहण के संयोग के कारण विशेष स्थिति बन रही है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार होलिका दहन आधी रात के बाद या तड़के सुबह किया जाएगा, जबकि पूरे देश में होली चार मार्च को मनाई जाएगी। वहीं, काशी में तीन मार्च को भी सीमित समय में होली खेलने की अनुमति रहेगी, लेकिन चंद्रग्रहण के कारण निर्धारित अवधि में रंग-अबीर वर्जित रहेगा।

बीएचयू के ज्योतिष विभाग के अनुसार तीन मार्च को चंद्रग्रहण होने के कारण उस दिन देशभर में होली नहीं मनाई जाएगी और चार मार्च को ही एक साथ होली खेली जाएगी। हालांकि, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की ज्योतिषीय गणना के अनुसार काशीवासी तीन मार्च को भी होली खेल सकते हैं, लेकिन दोपहर 12 बजे से शाम 6:47 बजे तक रंग-अबीर लगाने पर प्रतिबंध रहेगा।

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार शुक्ल ने होलिका दहन को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि दो मार्च की रात 3:24 बजे के बाद भद्रा काल में होलिका दहन किया जा सकता है। यदि भद्रा पूरी तरह समाप्त होने का इंतजार किया जाए तो सुबह 5:33 बजे के बाद भद्रारहित काल में भी दहन संभव होगा। इस समय तक अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार तीन मार्च की तिथि शुरू हो चुकी होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि तीन मार्च को भद्रा और चंद्रग्रहण के कारण दिन में रंग खेलना निषिद्ध रहेगा। ग्रहण काल शुरू होने के बाद रंग-गुलाल, भोजन-जलपान आदि वर्जित रहेगा। चंद्रग्रहण शाम 6:47 बजे समाप्त होगा, जिसके बाद स्नान करने के उपरांत ही पुनः अबीर-गुलाल खेला जा सकेगा।

प्रो. शुक्ल ने बताया कि इस वर्ष धार्मिक दृष्टि से कई शुभ संयोग बन रहे हैं। होलाष्टक 24 फरवरी से प्रारंभ होगा, जबकि 27 फरवरी को रंगभरी एकादशी मनाई जाएगी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।

वहीं, इस वर्ष 28 फरवरी को मसान की होली खेली जाएगी। मसान होली के आयोजक गुलशन कपूर ने बताया कि संबंधित संस्था से उनकी बातचीत हो चुकी है और मणिकर्णिका घाट पर मसान होली के नियत स्थल को आयोजन से पहले व्यवस्थित कर दिया जाएगा। परंपरागत रूप से मसान की होली अपने निर्धारित स्थान पर ही मनाई जाएगी।