काशी में पं. राजकुमार शुक्ल की 151वीं जयंती मनाई गई, चंपारण सत्याग्रह में योगदान को किया नमन
Varanasi : भट्ट ब्राह्मण महासभा काशी वाराणसी (रजि.) के तत्वावधान में रविवार को चंपारण सत्याग्रह के प्रणेता पं. राजकुमार शुक्ल की 151वीं जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन सारनाथ स्थित प्रमिला हॉस्पिटल के सभाकक्ष में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पं. राजकुमार शुक्ल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। संस्था के मुख्य ट्रस्टी डॉ. हरिद्वार शर्मा, अध्यक्ष पं. बसंत राय, प्रमिला हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. शेषनाथ एवं वरिष्ठ ट्रस्टी महेंद्र नाथ शर्मा ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गांधी को चंपारण ले जाने में निभाई निर्णायक भूमिका
संस्था के अध्यक्ष पं. बसंत राय ने पं. राजकुमार शुक्ल के जीवन और उनके संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 23 अगस्त 1875 को जन्मे पं. राजकुमार शुक्ल ने चंपारण के किसानों की समस्याओं को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने महात्मा गांधी से लगातार चंपारण आने का आग्रह किया और अंततः उन्हें वहां ले जाने में सफल रहे।
उन्होंने कहा कि एक किसान के अटूट संकल्प ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गांधी हेरिटेज पोर्टल के ऐतिहासिक अभिलेखों में भी अप्रैल 1917 में गांधीजी के चंपारण आगमन के क्रम में राजकुमार शुक्ल की भूमिका दर्ज है।
'एक सामान्य व्यक्ति का संकल्प भी बदल सकता है इतिहास'
वक्ताओं ने कहा कि पं. राजकुमार शुक्ल की सबसे बड़ी ताकत कोई पद या राजनीतिक प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि जनपीड़ा के प्रति संवेदनशीलता और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का साहस था। उनका जीवन यह संदेश देता है कि इतिहास केवल बड़े पदों पर बैठे लोगों से नहीं बनता, बल्कि एक सामान्य व्यक्ति का दृढ़ संकल्प भी व्यापक परिवर्तन की शुरुआत कर सकता है।
महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि नई पीढ़ी को अपने महापुरुषों के आदर्शों को केवल स्मृति तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनके विचारों को सामाजिक जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए।
अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण संघर्ष का आह्वान
मुख्य ट्रस्टी डॉ. हरिद्वार शर्मा और वरिष्ठ ट्रस्टी महेंद्र नाथ शर्मा ने पं. राजकुमार शुक्ल के जीवन से प्रेरणा लेते हुए अन्याय के खिलाफ संगठित होकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने तथा सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वाराणसी सहित अन्य जिलों से आए वक्ताओं और समाज के लोगों ने पं. राजकुमार शुक्ल को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर पं. जयप्रकाश शर्मा, पं. अवधेश राय, पं. विजय नाथ शर्मा, डॉ. उमेश राय, डॉ. सनत राय, पं. पवन कुमार शर्मा एडवोकेट, पं. राजू शर्मा, पं. पंकज राय, पं. अनिल राय, पं. राजेश कुमार और पं. मनोज राय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।