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नमो घाट पर 25 अक्टूबर को दिखेगा भारतीय वायुसेना का दमखम, 1965 से कारगिल तक की गौरवगाथा का होगा एरियल डिस्प्ले
 

 

 

वाराणसी। 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध से लेकर कारगिल संघर्ष के दौरान चलाए गए ऑपरेशन सफेद सागर तक भारतीय वायुसेना की छह दशक से अधिक लंबी परिचालन विरासत की झलक वाराणसी के नमो घाट पर देखने को मिलेगी। 25 अक्टूबर 2026 को यहां इंडियन एयरफोर्स एरियल डिस्प्ले-2026 का आयोजन किया जाएगा। हवाई प्रदर्शन के दौरान वायुसेना के विमानों की सटीकता, पेशेवर दक्षता और आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया जाएगा।

रक्षा मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी जानकारी के मुताबिक, इस आयोजन के जरिए आम लोगों को भारतीय वायुसेना की सैन्य क्षमताओं के साथ-साथ उसकी मानवीय और आपदा राहत संबंधी भूमिकाओं से भी परिचित कराया जाएगा। आयोजन में करीब 20 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं।

1965 और 1971 के युद्ध में रही अहम भूमिका

मध्य वायु कमान की परिचालन विरासत भारतीय वायुसेना के कई महत्वपूर्ण अभियानों से जुड़ी रही है। इसमें 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध के अलावा मालदीव में चलाया गया ऑपरेशन कैक्टस और कारगिल संघर्ष के दौरान भारतीय वायुसेना का ऑपरेशन सफेद सागर भी शामिल है।

एयर डिस्प्ले के माध्यम से इसी लंबी परिचालन परंपरा, सैन्य क्षमता और देश की सेवा के प्रति वायुसेना की प्रतिबद्धता को आम लोगों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

युद्ध अभियानों के साथ राहत कार्यों की भी दिखाई जाएगी झलक

मध्य वायु कमान और उसके अधीन आने वाले संगठनों ने स्थापना के बाद से देश के व्यापक और परिचालन की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

वायुसेना की भूमिका केवल युद्ध अभियानों तक सीमित नहीं रही है। मानवीय सहायता, आपदा राहत और संकट के समय नागरिक प्रशासन को सहयोग देने में भी वायुसेना ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। एयर डिस्प्ले के जरिए इन विभिन्न भूमिकाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

युवाओं को वायुसेना से जोड़ने पर जोर

नमो घाट पर होने वाला यह एयर डिस्प्ले युवाओं को भारतीय वायुसेना की विभिन्न भूमिकाओं और क्षमताओं से परिचित कराने का भी माध्यम बनेगा। कार्यक्रम के दौरान लोगों को वायुसेना की कार्यप्रणाली, सेवा परंपराओं और देश के प्रति उसकी जिम्मेदारियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

राष्ट्रीय और सांस्कृतिक महत्व वाले नमो घाट पर आयोजन होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की भी उम्मीद है।

बाद में जारी होगी ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था

कार्यक्रम को लेकर दर्शकों के लिए निर्धारित क्षेत्र, हवाई प्रदर्शन का समय, ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश आयोजन की तारीख नजदीक आने पर जारी किए जाएंगे।

रक्षा मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें। साथ ही जिला प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा कर्मियों और आयोजन से जुड़े अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए सहयोग करने को कहा गया है।