वाराणसी में निवेशकों का हंगामा: करोड़ों की ठगी का आरोप, कंपनी के स्थापना दिवस समारोह में पहुंची पुलिस
वाराणसी। शहर के नागर नाटक मंडली में रविवार दोपहर करीब एक बजे उस समय हंगामा मच गया, जब एक निजी कंपनी के स्थापना दिवस समारोह के दौरान बड़ी संख्या में खुद को पीड़ित बताने वाले निवेशक कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे लोगों ने कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यक्रम में मौजूद आयोजकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी।
निवेश पर दोगुना पैसा, सोना और विदेश यात्रा का दिया था लालच
प्रदर्शन कर रहे निवेशकों का आरोप है कि Medallion Jewellers Pvt. Ltd. नामक कंपनी ने वर्ष 2020 से नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। कंपनी ने 10 से 20 महीने के भीतर निवेश की राशि दोगुनी करने, सोना देने और विदेश यात्रा जैसे आकर्षक ऑफर देकर बड़ी संख्या में लोगों से धन जमा कराया।
पीड़ितों के मुताबिक, शुरुआत में कुछ निवेशकों को भुगतान कर विश्वास कायम किया गया, लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया। अब न तो निवेशकों को उनका पैसा वापस मिल रहा है और न ही वादे के अनुसार सोना या अन्य लाभ दिए जा रहे हैं।
11 लाख रुपये फंसे, टीम के 90 लाख रुपये भी नहीं मिले
पीड़ित निवेशक सत्य कुमार भगवान सिंह राठौर ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम की जानकारी मिली, जिसके बाद वे अन्य निवेशकों के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी। उनका दावा है कि कंपनी में उनके करीब 11 लाख रुपये फंसे हुए हैं, जबकि उनकी टीम के अन्य लोगों के लगभग 90 लाख रुपये अब तक वापस नहीं मिले हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान की मांग करने पर उन्हें धमकियां भी दी गईं। सत्य कुमार ने कहा कि कंपनी के संचालन में सत्यजीत नामक व्यक्ति की प्रमुख भूमिका रही है। विरोध की आशंका के चलते मुख्य आरोपी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। उन्होंने पुलिस से मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और निवेशकों का पैसा वापस दिलाने की मांग की।
मेयर और पुलिस आयुक्त के आने का दावा कर जुटाई गई भीड़
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के आयोजक आनंद पांडेय ने समारोह के लिए जारी निमंत्रण पत्र में वाराणसी के पुलिस आयुक्त, मेयर और अन्य प्रमुख लोगों के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की जानकारी दी थी। निमंत्रण पत्र पर उनके नाम और तस्वीरें भी प्रकाशित की गई थीं।
हालांकि, कार्यक्रम स्थल पर इनमें से कोई भी अतिथि नहीं पहुंचा। निवेशकों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करने और कार्यक्रम की विश्वसनीयता बढ़ाने की कोशिश की गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
मौके पर पहुंची एसीपी विदुष ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से संबंधित कंपनी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कार्यक्रम की सूचना मिलने पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां कई पीड़ितों ने लिखित शिकायतें सौंपीं।
पुलिस के अनुसार, शिकायतों के आधार पर कंपनी के दस्तावेजों और उसकी गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।