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नमो घाट पर गरजे जैगुआर फाइटर जेट, एयरफोर्स के मेगा एयर शो से पहले रोमांचक रिहर्सल
 

 

वाराणसी। काशी के आसमान में शनिवार सुबह भारतीय वायुसेना के तीन जैगुआर फाइटर जेटों की गर्जना ने शहरवासियों को रोमांचित कर दिया। तेज रफ्तार से उड़ान भरते इन लड़ाकू विमानों ने नमो घाट के ऊपर कई बार चक्कर लगाते हुए अभ्यास किया। माना जा रहा है कि यह अक्टूबर 2026 में वायुसेना दिवस के अवसर पर प्रस्तावित भव्य एयर शो की तैयारियों के तहत की गई रिहर्सल का हिस्सा है।

शनिवार सुबह अचानक आसमान में एक साथ तीन फाइटर जेट दिखाई देने और उनकी तेज आवाज सुनाई देने से लोग अपने घरों, छतों और सड़कों पर निकल आए। कई लोगों ने इस दुर्लभ नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। विमानों ने अलग-अलग दिशा से उड़ान भरते हुए नमो घाट के ऊपर कई बार अभ्यास उड़ान भरी, जिसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई देती रही।

इधर, नमो घाट पर सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। एयरफोर्स के अधिकारी और जवान हेलीपैड क्षेत्र में तैनात रहे। सुरक्षा कारणों से नमो घाट के फेस-2 के आगे आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई। किसी भी व्यक्ति को हेलीपैड क्षेत्र की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई और लोगों को निर्धारित सीमा से ही वापस भेजा गया।

करीब सुबह 11:40 बजे तक यह अभ्यास जारी रहा। इस दौरान घाट पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए, लेकिन सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी को प्रवेश नहीं करने दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक साथ तीन फाइटर जेटों की उड़ान और उनके हैरतअंगेज करतबों ने सभी को रोमांचित कर दिया।

हालांकि भारतीय वायुसेना या प्रशासन की ओर से इस अभ्यास को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इसे अक्टूबर 2026 में वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस (8 अक्टूबर) के अवसर पर नमो घाट पर प्रस्तावित भव्य एयर शो की तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि प्रस्तावित एयर शो में राफेल लड़ाकू विमान, 'सूर्य किरण' एरोबेटिक टीम सहित 100 से अधिक विमान अपने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन करेंगे। यदि यह आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार हुआ तो वाराणसी पहली बार भारतीय वायुसेना के इतने बड़े एयर शो का गवाह बनेगा।