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राम मंदिर दान विवाद पर करणी सेना का फूटा गुस्सा, उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

 

Varanasi : करणी सेना वाराणसी इकाई की एक आवश्यक बैठक रविवार को संपन्न हुई। बैठक में संगठन ने अयोध्या राम मंदिर दान प्रकरण, काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थानीय श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था तथा शहर में जारी अघोषित बिजली कटौती समेत कई मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

बैठक में करणी सेना के पदाधिकारियों ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि और दान सामग्री में कथित अनियमितताओं एवं चोरी के आरोपों पर गहरा रोष जताया। संगठन ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थानीय श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान होने वाली असुविधाओं का भी मुद्दा उठाया गया। संगठन का कहना है कि वाराणसी के मूल निवासियों और बुजुर्गों को दर्शन के लिए अलग और सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि उन्हें लंबी कतारों में इंतजार न करना पड़े। बैठक में भीषण गर्मी के बीच शहर में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। करणी सेना ने बिजली विभाग से निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

करणी सेना ने कहा कि यदि प्रशासन ने इन सभी मुद्दों पर शीघ्र संज्ञान लेकर समाधान नहीं किया, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री वीर प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष राहुल त्रिपाठी, जिला संगठन महामंत्री मंगलेश त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन सिंह, मीडिया प्रभारी पूजा सिंह (नीलू), महामंत्री अंकित मिश्रा, अधिवक्ता प्रकोष्ठ अध्यक्ष शुभम सिंह (सीनू), मंत्री शुभम यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष महिला शक्ति दीपा सिंह, सोनम सिंह एवं तनुजा सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।