काशी को ग्लोबल टूरिज्म हब बनाने की तैयारी, पर्यटन मंत्रालय ने स्थानीय कारोबारियों को दिया मंत्र
वाराणसी। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनिया भर में पहचान रखने वाली काशी को वैश्विक स्तर के पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में पर्यटन मंत्रालय ने एक अहम पहल की है। शनिवार को होटल क्लार्क्स में होमस्टे, बेड एंड ब्रेकफास्ट संचालकों, होटल व्यवसायियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों के लिए अर्ध-दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में पर्यटन व्यवसाय को अधिक पेशेवर बनाने, पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया गया।
पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि वाराणसी देश के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि काशी में वैश्विक स्तर के पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित होने की अपार क्षमता है। प्रधानमंत्री के प्रत्येक राज्य में कम से कम एक वैश्विक स्तर के प्रतिस्पर्धी पर्यटन गंतव्य विकसित करने के लक्ष्य के अनुरूप पर्यटक यात्रा के हर पहलू पर ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि केवल बेहतर बुनियादी ढांचा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण आतिथ्य, बेहतर सेवा, सुरक्षा, डिजिटल सुविधाएं और समग्र रूप से अच्छा अनुभव मिलना भी जरूरी है। इसके लिए स्थानीय पर्यटन उद्यमियों और सेवा प्रदाताओं की क्षमता बढ़ाना बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला में मेक माय ट्रिप, अगोडा, इक्सिगो, एयरबीएनबी और ईज़ माय ट्रिप जैसे प्रमुख ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर्स ने प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान परिचालन प्रबंधन, अतिथि सत्कार, ग्राहक सेवा, स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों, ऑनलाइन रिव्यू के प्रबंधन, सोशल मीडिया और डिजिटल प्रचार जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई।
पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, वाराणसी में पर्यटन के अगले चरण में स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। होटल व्यवसायियों, होमस्टे संचालकों, गाइड, स्ट्रीट वेंडर और अन्य पर्यटन उद्यमों को बेहतर प्रशिक्षण देकर पर्यटकों की बदलती जरूरतों के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास है। इससे न केवल पर्यटकों के अनुभव में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे।
कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों ने पर्यटन मंत्रालय की पहल का स्वागत किया। उनका कहना था कि इस तरह की उद्योग-केंद्रित कार्यशालाओं से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को नई तकनीक, बेहतर सेवा और पेशेवर कार्यप्रणाली की जानकारी मिलती है।
कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा वीज़ा, इंडसइंड बैंक, मेक माय ट्रिप, अगोडा, इक्सिगो, कोका-कोला और इंडियन टूरिज्म एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।