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काशी विद्यापीठ में 6 जुलाई से शुरू होगा 12 दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम, 15 राज्यों के 220 शिक्षक होंगे शामिल

 

Varanasi : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र की ओर से 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं शैक्षिक सुधार' विषय पर 12 दिवसीय ऑनलाइन रिफ्रेशर कार्यक्रम का आयोजन 6 से 18 जुलाई तक किया जाएगा। कार्यक्रम में देशभर के शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों और शैक्षिक सुधारों से अवगत कराया जाएगा।

मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र के निदेशक प्रो. रमाकांत सिंह ने बताया कि उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. रजनीश शुक्ला, पूर्व कुलपति, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा उपस्थित रहेंगे।

उद्घाटन सत्र में प्रथम वक्ता के रूप में प्रो. बी.सी. महापात्रा, निदेशक, मुक्त एवं दूरस्थ अधिगम एवं अनुसंधान, राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय तथा द्वितीय सत्र में प्रो. मीनाक्षी बिस्वाल, निदेशक, श्री सत्य साईं इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन एक्सीलेंस, कलबुर्गी (कर्नाटक) अपने विचार साझा करेंगी।

प्रो. रमाकांत सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में 15 राज्यों के 220 शिक्षकों ने प्रतिभागिता के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा 11 राज्यों के 20 से अधिक विश्वविद्यालयों के विषय विशेषज्ञ भी विभिन्न सत्रों में व्याख्यान देंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 केवल एक नीति दस्तावेज नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाली दूरदर्शी पहल है। इसका उद्देश्य शिक्षार्थी-केंद्रित, बहुविषयक, समग्र एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित शिक्षा प्रणाली विकसित करना है, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप भी हो।

कार्यक्रम के सह-समन्वयक डॉ. ध्यानेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि इस रिफ्रेशर कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को अनुभव आधारित, कौशल आधारित और समझ पर आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।