काशी विद्यापीठ में तनाव प्रबंधन पर विशेष व्याख्यान, विद्यार्थियों ने सीखी योग और ध्यान की तकनीकें
Varanasi : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाजशास्त्र विभाग एवं मैत्री बोध परिवार के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को ‘तनाव प्रबंधन एवं भावात्मक स्थिरता’ विषय पर एक दिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों को तनाव प्रबंधन, मन पर नियंत्रण, आत्मविश्वास और एकाग्रता बढ़ाने के लिए योग एवं ध्यान की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी गई।
मुख्य वक्ता अमृत सिंह सोढ़ी, नई दिल्ली ने विशेष सत्र में मन पर नियंत्रण और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए विभिन्न यौगिक मुद्राओं का प्रदर्शन किया। उन्होंने एकाग्रता बढ़ाने की सरल प्रक्रियाएं बताते हुए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संगीतमय योग की क्रियाओं का अभ्यास भी कराया।
‘एकाग्रता और शांति के लिए योग-ध्यान जरूरी’
समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता सिंह ने कहा कि आधुनिक एवं भौतिक युग में योग और ध्यान का महत्व लगातार बढ़ रहा है। जीवन में एकाग्रता और मानसिक शांति के लिए योग एवं ध्यान को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि ध्यान मन को शांत और एकाग्र करने की सरल प्रक्रिया है। नियमित ध्यान से तनाव कम करने, विचारों पर नियंत्रण बढ़ाने और मन में सकारात्मकता विकसित करने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम में स्वागत समाज विज्ञान संकाय के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रो. मो. आरिफ ने किया। संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कृष्ण मोहन द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर डॉ. सौम्या यादव, डॉ. दिनेश सिंह कुशवाहा, डॉ. पीयूष कुमार श्रीवास्तव, डॉ. चन्द्रशेखर और डॉ. संजय कुमार सोनकर समेत शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।