सावन का पहला सोमवार: बाबा के दरबार में पहुंचे मंडलायुक्त, भक्तों पर बरसाए फूल, व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा
वाराणसी: सावन माह के प्रथम सोमवार पर बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर विधि-विधान से बाबा का दर्शन-पूजन किया और प्रदेश व देशवासियों के सुख, समृद्धि तथा मंगल की कामना की। दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया, जिससे पूरा धाम भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा।
पुष्पवर्षा से गूंज उठा बाबा विश्वनाथ का धाम
सावन के पहले सोमवार पर बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं का मंडलायुक्त ने पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया। जैसे ही भक्तों पर फूल बरसाए गए, पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इस अनोखे स्वागत को यादगार बताया और पूरे धाम में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
बाबा विश्वनाथ से प्रदेश की खुशहाली की कामना
दर्शन-पूजन के बाद मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने भगवान शिव से प्रदेश और देश के सभी नागरिकों के सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की। उन्होंने सावन माह के प्रथम सोमवार की सभी श्रद्धालुओं और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे और हर परिवार में खुशहाली आए।
व्यवस्थाओं का लिया जायजा
मंडलायुक्त ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सावन के दौरान दर्शन-पूजन के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र, एसडीएम शंभू कुमार सहित मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन के कई अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं को लेकर मंडलायुक्त को जानकारी दी।
सावन में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़
सावन माह का प्रथम सोमवार होने के कारण सुबह से ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे शिवभक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, बैरिकेडिंग, दर्शन व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।