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काशी के होमस्टे अब होंगे डिजिटल, पर्यटकों तक पहुंच बढ़ाने का मिला मंत्र
 

 

वाराणसी। पर्यटकों को बेहतर ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने और होमस्टे व बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) संचालकों को अधिक पर्यटकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शनिवार को होटल क्लार्क में कार्यशाला आयोजित की गई। पर्यटन मंत्रालय की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में संचालकों को अपनी प्रॉपर्टी को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध करने, उसका प्रचार करने और बुकिंग बढ़ाने के आसान तरीके बताए गए।

कार्यक्रम में पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार, संयुक्त सचिव सुवाशिष दास, वाराणसी मंडल के आयुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, पर्यटन के क्षेत्रीय निदेशक अरुण कुमार और उप निदेशक पर्यटन उत्तम जोशी मौजूद रहे।

आयुक्त एस. राजलिंगम ने कहा कि वाराणसी को पर्यटकों के लिए बेहतर बनाने के लिए प्रशासन और होमस्टे व बीएंडबी संचालकों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि संचालक प्रशासन को बताएं कि उन्हें किस तरह की मदद की जरूरत है। वहीं प्रशासन भी यह बताएगा कि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए किन क्षेत्रों में सुधार किया जा सकता है। दोनों के समन्वित प्रयासों से वाराणसी को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में और मजबूत स्थान दिलाया जा सकता है।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रॉपर्टी लिस्ट करने के बताए तरीके

कार्यशाला में मेकमाईट्रिप, बुकिंग डॉट कॉम, अगोडा, इक्सिगो, एयरबीएनबी और ईजमाईट्रिप के प्रतिनिधियों ने प्रॉपर्टी की ऑनलाइन लिस्टिंग और बुकिंग बढ़ाने की जानकारी दी। बताया गया कि ऑनलाइन प्रॉपर्टी डालते समय साफ और आकर्षक तस्वीरों का इस्तेमाल करना चाहिए। कमरों में उपलब्ध सुविधाओं की पूरी जानकारी के साथ सही पता और लोकेशन देना भी जरूरी है।

संचालकों को यह भी बताया गया कि काशी विश्वनाथ धाम, प्रमुख घाटों और अन्य पर्यटन स्थलों से प्रॉपर्टी की दूरी स्पष्ट रूप से बताई जाए। इससे पर्यटकों को ठहरने की जगह चुनने में आसानी होती है।

मांग के अनुसार तय करें कमरे का किराया

कार्यशाला में कमरे का किराया तय करते समय मौसम और पर्यटकों की मांग को ध्यान में रखने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि गलत जानकारी, खराब तस्वीरें या सुविधाओं की अधूरी जानकारी ऑनलाइन बुकिंग पर नकारात्मक असर डाल सकती है। ऑनलाइन दी गई जानकारी के अनुरूप ही पर्यटकों को मौके पर सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।

गेस्ट के अनुभव पर भी जोर

होमस्टे में पर्यटक के आने से लेकर जाने तक उसके पूरे अनुभव को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। कमरों और अन्य सुविधाओं की साफ-सफाई, जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता, स्थानीय पर्यटन स्थलों की जानकारी और पर्यटकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने की सलाह दी गई। साथ ही पर्यटकों से मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर कमियों को दूर करने पर भी जोर दिया गया।

एआई से बढ़ाया जा सकता है कारोबार

कार्यशाला में जनरेटिव एआई (GenAI) की टीम ने भी प्रॉपर्टी कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल की जानकारी दी। बताया गया कि एआई की मदद से प्रॉपर्टी की ऑनलाइन प्रस्तुति बेहतर करने, ज्यादा संभावित पर्यटकों तक पहुंचने और आकर्षक तरीके से जानकारी साझा करने में मदद मिल सकती है। इसके जरिए बुकिंग बढ़ाने के साथ कारोबार से जुड़े कई काम भी आसान किए जा सकते हैं।

  • ऑनलाइन लिस्टिंग के लिए जरूरी बातें
  • प्रॉपर्टी की साफ और अच्छी तस्वीरें अपलोड करें।
  • कमरे और उपलब्ध सुविधाओं की पूरी जानकारी दें।
  • सही पता और लोकेशन उपलब्ध कराएं।
  • काशी विश्वनाथ धाम, घाट और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों की दूरी बताएं।
  • मौसम और पर्यटकों की मांग के अनुसार किराया तय करें।
  • ऑनलाइन दी गई जानकारी के मुताबिक ही पर्यटकों को सुविधाएं उपलब्ध कराएं।

ऑनलाइन लिस्टिंग के जरिए देश-विदेश के पर्यटक घर बैठे होमस्टे और बीएंडबी की सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे संचालकों की पहुंच बढ़ेगी और पर्यटकों को होटल के अलावा स्थानीय स्तर पर ठहरने के अधिक विकल्प मिल सकेंगे।