Krishna Janmashtami 2025: काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की भव्य तैयारियां, लड्डू गोपाल करेंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन
Krishna Janmashtami 2025: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में भव्य उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार भी काशी में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। खास बात यह है कि जन्म के मात्र ढाई घंटे बाद लड्डू गोपाल बाबा विश्वनाथ के मंगला स्वरूप के दर्शन करेंगे। यह दूसरा मौका होगा जब Krishna Janmashtami पर काशी विश्वनाथ मंदिर में जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को पालने में विराजमान कर भक्तों को बाबा विश्वनाथ और श्रीकृष्ण के एक साथ दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
मंगला आरती में एक साथ दर्शन देंगे महादेव और कान्हा
मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म (Krishna Janmashtami) के बाद सुबह होने वाली मंगला आरती में लड्डू गोपाल बाबा विश्वनाथ के साथ विराजमान होंगे। इस दौरान बाबा विश्वनाथ मोरपंख धारण करेंगे। पुरोहितों के अनुसार, श्रीकृष्ण को नजर से बचाने के लिए बाबा विश्वनाथ एक चांदी की थाली में भरे पानी में उनके प्रतिबिंब को देखेंगे। यह दृश्य पुराणों की उस कथा को जीवंत करेगा, जिसमें माता यशोदा ने भगवान शिव को कृष्ण की परछाई देखने के लिए कहा था ताकि उनका विकराल रूप बच्चे को भयभीत न करे।
पंचामृत स्नान और प्रसाद वितरण
लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा, जिसके बाद इसे प्रसाद के रूप में हजारों भक्तों में वितरित किया जाएगा। जन्म के बाद मंगल गीतों की गूंज के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें लड्डू गोपाल को पालने में बैठाकर झूला झुलाया जाएगा। रात्रि विश्राम के लिए लड्डू गोपाल को सत्यनारायण मंदिर ले जाया जाएगा।
मथुरा के लिए भेजे गए उपहार
Krishna Janmashtami के दिन काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर से श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा के लिए विशेष उपहार भेजे गए हैं। इनमें कान्हा की पोशाकें, लड्डू, चॉकलेट, फल, मिठाइयां और धाम की मंगल वस्तुएं शामिल हैं। न्यास कार्यालय से डमरू दल और अर्चकों की टोली ने मंगल मंत्रोच्चार के साथ उपहारों को गर्भगृह में बाबा विश्वनाथ के समक्ष प्रस्तुत किया। वैदिक श्लोकों के बीच पूजा-अर्चना के बाद उपहारों को मथुरा रवाना किया गया। मंदिर न्यास के पीआरओ ने बताया कि काशी और मथुरा की यह परंपरा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता को दर्शाती है।
ऑनलाइन दर्शन का अवसर
16 अगस्त की रात 11:00 बजे से जन्मोत्सव (Krishna Janmashtami) का आयोजन शुरू होगा, जो 17 अगस्त को प्रातः 12:05 बजे तक चलेगा। इसके बाद सुबह 2:30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे और 3:00 बजे मंगला आरती होगी। इस दौरान देश-विदेश के सनातनी भक्त ऑनलाइन बाबा विश्वनाथ और लड्डू गोपाल के एक साथ दर्शन कर सकेंगे।
प्रशासन की विशेष तैयारियां
मंदिर के मुख्य कार्यपालिका अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि यह Krishna Janmashtami आयोजन पुराणों की परंपराओं का निर्वहन करता है। पिछले साल की तरह इस बार भी काशी विश्वनाथ धाम में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को भव्यता के साथ मनाया जाएगा। एसडीएम शंभूशरण ने कहा कि मंदिर परिसर में एक दिन पहले से ही उत्सव का माहौल है। मंदिर चौक में लड्डू गोपाल के अभिषेक और जन्म अनुष्ठान का भव्य आयोजन होगा।