काशी की कुमारी स्वर्णा निगम ने रचा इतिहास, 5555 अलग-अलग ‘ॐ’ चित्र बनाकर बनाया यूरेशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड
Feb 12, 2026, 19:15 IST
वाराणसी। काशी की प्रतिभाशाली छात्रा कुमारी स्वर्णा निगम ने 5555 अलग-अलग प्रकार के ‘ॐ’ (ओंकार) के विशिष्ट चित्रों का सृजन कर इतिहास रच दिया है। पाणिनि कन्या महाविद्यालय (तुलसीपुर, महमूरगंज) की कक्षा 10वीं की छात्रा स्वर्णा की इस अनूठी कला-साधना को प्रतिष्ठित ‘यूरेशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि संपूर्ण काशी और देश के लिए गौरव का विषय बन गई है।
एक वर्ष की साधना
स्वर्णा की यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि पूरे एक वर्ष तक किए गए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आध्यात्मिक समर्पण का परिणाम है। उनके द्वारा बनाए गए 5555 ‘ॐ’ चित्रों की सबसे खास बात यह है कि प्रत्येक चित्र आकार, रंग-संयोजन, रेखांकन और भाव-अभिव्यक्ति में एक-दूसरे से पूरी तरह अलग है।
इन चित्रों में सनातन परंपरा के मूल मंत्र ‘ॐ’ की आध्यात्मिक ऊर्जा को कलात्मक रूप में उकेरा गया है। हर चित्र में रचनात्मकता और भक्ति का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है, जो दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति कराता है।
विद्यालय परिसर में भव्य प्रदर्शनी
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में पाणिनि कन्या महाविद्यालय परिसर में एक भव्य प्रदर्शनी और विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
समारोह में काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा वाराणसी संसदीय कार्यालय के समन्वयक शिव शरण पाठक, विश्व वैदिक न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सिंह, वरिष्ठ पर्यावरणविद् अनिल कुमार सिंह, ‘परिवार ब्रेड’ संस्था के प्रतिनिधि गोविंद किशनानी और राजेश भाटिया सहित चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि विश्व भूषण मिश्र ने स्वर्णा को आशीर्वाद देते हुए कहा, “5555 ‘ॐ’ की अलग-अलग कला-कृतियों का सृजन कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित करना अत्यंत अद्भुत और दुर्लभ उपलब्धि है। इतनी विशाल संख्या में ‘ॐ’ को एक साथ देखना एक दिव्य अनुभूति प्रदान करता है। यह काशी के लिए एक शुभ और पुण्य क्षण है। स्वर्णा को मेरी हार्दिक बधाई।
एक वर्ष की साधना
स्वर्णा की यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि पूरे एक वर्ष तक किए गए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आध्यात्मिक समर्पण का परिणाम है। उनके द्वारा बनाए गए 5555 ‘ॐ’ चित्रों की सबसे खास बात यह है कि प्रत्येक चित्र आकार, रंग-संयोजन, रेखांकन और भाव-अभिव्यक्ति में एक-दूसरे से पूरी तरह अलग है।
इन चित्रों में सनातन परंपरा के मूल मंत्र ‘ॐ’ की आध्यात्मिक ऊर्जा को कलात्मक रूप में उकेरा गया है। हर चित्र में रचनात्मकता और भक्ति का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है, जो दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति कराता है।
विद्यालय परिसर में भव्य प्रदर्शनी
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में पाणिनि कन्या महाविद्यालय परिसर में एक भव्य प्रदर्शनी और विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
समारोह में काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा वाराणसी संसदीय कार्यालय के समन्वयक शिव शरण पाठक, विश्व वैदिक न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सिंह, वरिष्ठ पर्यावरणविद् अनिल कुमार सिंह, ‘परिवार ब्रेड’ संस्था के प्रतिनिधि गोविंद किशनानी और राजेश भाटिया सहित चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि विश्व भूषण मिश्र ने स्वर्णा को आशीर्वाद देते हुए कहा, “5555 ‘ॐ’ की अलग-अलग कला-कृतियों का सृजन कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित करना अत्यंत अद्भुत और दुर्लभ उपलब्धि है। इतनी विशाल संख्या में ‘ॐ’ को एक साथ देखना एक दिव्य अनुभूति प्रदान करता है। यह काशी के लिए एक शुभ और पुण्य क्षण है। स्वर्णा को मेरी हार्दिक बधाई।