वाराणसी के सेंट मेरिज स्कूल में तेंदुआ दिखने से हड़कंप, CCTV में कैद हुई गतिविधि; तलाश में वन विभाग की तीन टीमें गठित
वाराणसी। छावनी क्षेत्र स्थित सेंट मेरिज स्कूल परिसर में गुरुवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे तेंदुआ दिखाई देने की आशंका से हड़कंप मच गया। स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए जैसा जानवर दिखाई देने के बाद स्कूल प्रबंधन और सुरक्षाकर्मी सतर्क हो गए। सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में मौजूद कर्मचारियों को कमरों के अंदर भेज दिया गया। सूचना मिलते ही कैंट पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर सतर्क हुआ सुरक्षाकर्मी
जानकारी के अनुसार, दशहरा और भरत मिलाप के चलते सेंट मेरिज स्कूल में अवकाश है। बुधवार रात स्कूल के सुरक्षाकर्मी राजेंद्र कुमार ड्यूटी पर तैनात थे। गुरुवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे अचानक कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर जब वह बाहर निकले तो उन्हें परिसर में तेंदुआ होने का संदेह हुआ।
सुरक्षाकर्मी ने तत्काल स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। इसके बाद एहतियातन परिसर में टहल रहे कर्मचारियों को सुरक्षित कमरों में भेज दिया गया।
CCTV फुटेज के आधार पर जांच, नहीं मिले पंजों के निशान
घटना की सूचना मिलने पर प्रभागीय वनाधिकारी निधि चौहान की मौजूदगी में वन विभाग और स्कूल कर्मचारियों ने पूरे परिसर की तलाशी ली। सीसीटीवी फुटेज में जिस स्थान पर तेंदुए जैसा जानवर दिखाई दिया, वहां भी जांच की गई। हालांकि, वनकर्मियों को न तो जानवर मिला और न ही उसके पंजों के निशान।
स्कूल की सिस्टर जमीला ने बताया कि वन विभाग की टीम ने परिसर की गहन जांच की, लेकिन तेंदुआ कहीं दिखाई नहीं पड़ा।
वरुणा नदी के रास्ते शहर में आने की आशंका
वन विभाग इस संभावना की भी जांच कर रहा है कि तेंदुआ चंदौली से गंगा किनारे होते हुए वरुणा नदी के रास्ते शहर में पहुंचा हो। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले चौबेपुर क्षेत्र के ढाब इलाके में भी तेंदुआ दिखाई देने और उसके पैरों के निशान मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उस दौरान कई दिनों तक तलाश के बावजूद तेंदुआ पकड़ में नहीं आया था।
जांच के लिए तीन टीमें गठित
प्रभागीय वनाधिकारी निधि चौहान ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच के लिए वन विभाग की तीन टीमें गठित की गई हैं। टीमें यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि जानवर वास्तव में तेंदुआ था या नहीं। यदि तेंदुआ स्कूल परिसर में आया था, तो वह किस रास्ते से पहुंचा और किस दिशा में गया।
उन्होंने कहा कि परिसर में अभी तक तेंदुए के पैरों के निशान नहीं मिले हैं। शहर के घनी आबादी वाले इलाके में तेंदुए की मौजूदगी की आशंका असामान्य है। फिलहाल वन विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।
हालांकि, सीसीटीवी में संदिग्ध वन्यजीव दिखाई देने की बात सामने आई है, लेकिन वन विभाग की जांच में तेंदुए की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।