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वाराणसी में कब्र खोदने को लेकर दो समुदाय आमने-सामने, पुलिस ने संभाला हालात

लोहता थाना क्षेत्र के सरहरी गांव में कब्र खोदने को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गए। पुलिस-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से विवाद शांत कराया गया। परिजनों ने वैकल्पिक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया।

 

वाराणसी: लोहता थाना क्षेत्र के सरहरी गांव में सोमवार सुबह कब्र खोदने को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

जानकारी के अनुसार सरहरी गांव निवासी अब्दुल शाहिद अली शाह की 17 तारीख को सुबह भोजन करते समय अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने से मृत्यु हो गई थी। मृतक पेशे से दर्जी (टेलर) थे। परिजनों के अनुसार रिश्तेदारों के देर से पहुंचने के कारण शव को दो दिन तक घर में सुरक्षित रखा गया था।

सोमवार सुबह सुपुर्द-ए-खाक की तैयारी के दौरान परिजनों ने घर से लगभग 100 मीटर दूर आबादी के बीच स्थित खाली जमीन पर कब्र खोदना शुरू किया। इस पर आसपास के लोगों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई, जिससे तनाव बढ़ गया।

स्थिति बिगड़ने की सूचना पर एसीपी रोहनिया संजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में लोहता, रोहनिया और मंडुआडीह थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर मामला शांत कराया।

गांव के प्रधान राजेंद्र पटेल और भाजपा पिछड़ा मोर्चा के महामंत्री भानु शंकर पटेल ने बताया कि मृतक मूल रूप से रामपुर, जिला भदोही के निवासी थे और कुछ वर्षों से सरहरी में मकान बनाकर रह रहे थे। जिस स्थान पर कब्र खोदी जा रही थी, वह नवीन परती भूमि है और घनी आबादी के बीच स्थित है।

पुलिस और प्रशासन की मध्यस्थता के बाद मृतक के परिजनों को गांव के पास स्थित कब्रिस्तान में वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया गया, जिसे परिजनों ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद वहीं सुपुर्द-ए-खाक की सहमति बनी।

फिलहाल एहतियातन विवादित स्थल पर पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।