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एक ने साइबर गैंग तोड़े, दूसरे ने जान पर खेलकर बचाई मां-बेटी, ACP विदुष और 'हीरो कॉप' अतुल अंजान को नई जिम्मेदारी

वाराणसी कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। साइबर क्राइम की एसीपी विदुष सक्सेना, एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी समेत पांच एसीपी का स्थानांतरण किया गया है। वहीं कई नए अधिकारियों को वाराणसी में तैनाती मिली है। जानिए पूरी सूची और अधिकारियों की उपलब्धियां।

 

वाराणसी: कमिश्नरेट पुलिस में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। समयावधि पूरी होने के बाद वाराणसी कमिश्नरेट में तैनात पांच सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) का गैर जनपदों में स्थानांतरण कर दिया गया है। इनमें साइबर क्राइम की जिम्मेदारी संभाल रहीं एसीपी विदुष सक्सेना और दालमंडी ध्वस्तीकरण अभियान की सुरक्षा व्यवस्था देख रहे एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी प्रमुख हैं। तबादले के साथ ही कई नए अधिकारियों को वाराणसी कमिश्नरेट में तैनाती भी दी गई है।

इन एसीपी अधिकारियों का हुआ स्थानांतरण

जारी आदेश के अनुसार सारनाथ की एसीपी विदुष सक्सेना को पुलिस उपाधीक्षक के रूप में शाहजहांपुर भेजा गया है। वहीं एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी का स्थानांतरण आगरा कमिश्नरेट में किया गया है।

इसके अलावा एसीपी संजीव कुमार शर्मा को अलीगढ़, एसीपी पिंडरा प्रतीक कुमार को अयोध्या, एसीपी सुरक्षा अंजनी कुमार राय को सचिवालय सुरक्षा लखनऊ तथा एसीपी अजय कुमार श्रीवास्तव को कुशीनगर में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वाराणसी में इन अधिकारियों को मिली नई तैनाती

स्थानांतरित अधिकारियों के स्थान पर कई नए अधिकारियों को वाराणसी कमिश्नरेट में तैनात किया गया है। इनमें सहायक सेनानायक सीतापुर से अवधेश कुमार विश्वकर्मा, गोरखपुर से प्रशांत सिंह, फतेहपुर से वीर सिंह, गौतमबुद्धनगर से अनिल कुमार पांडेय, आजमगढ़ से अनिल कुमार वर्मा और प्रयागराज से विमल किशोर मिश्रा को वाराणसी भेजा गया है।

साइबर अपराध के खिलाफ विदुष सक्सेना ने दर्ज कराई थी मजबूत पहचान

एसीपी विदुष सक्सेना ने साइबर क्राइम शाखा की जिम्मेदारी संभालने के बाद कई महत्वपूर्ण मामलों का खुलासा किया था। तकनीकी मामलों में दक्षता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने उन्हें साइबर अपराध नियंत्रण की अहम जिम्मेदारी सौंपी थी।

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोहों का पर्दाफाश किया। लगातार कार्रवाई करते हुए साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी कराई और साइबर ठगी के शिकार लोगों के करीब 70 लाख रुपये वापस दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसके अलावा उन्होंने फर्जी जमानतदार गिरोह का भी खुलासा किया था। बीते एक वर्ष से वह साइबर अपराध नियंत्रण और डिजिटल फ्रॉड मामलों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही थीं।

दालमंडी ध्वस्तीकरण अभियान की सुरक्षा संभाल रहे थे डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी

एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी भी अपने साहसिक और सक्रिय कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में वे दालमंडी ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

उनका नाम वर्ष 2023 में उस समय चर्चा में आया था जब शिवपुर थाना क्षेत्र के चांदमारी इलाके में बदमाशों ने एक घर में मां-बेटी को बंधक बना लिया था और 10 लाख रुपये की मांग कर रहे थे।

घटना के दौरान डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी रिश्तेदार बनकर घर के भीतर पहुंचे और अपनी सूझबूझ व साहस का परिचय देते हुए दोनों बंधकों को सुरक्षित छुड़ा लिया था। इस कार्रवाई में उन्हें चाकू लगने से चोट भी आई थी, लेकिन उन्होंने ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था।


एक साथ कई अहम अधिकारियों के तबादले के बाद वाराणसी पुलिस महकमे में इस फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है। खासकर साइबर अपराध नियंत्रण और संवेदनशील अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर पुलिस विभाग और आम लोगों के बीच अलग-अलग चर्चाएं हो रही हैं। विभागीय स्तर पर इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया और निर्धारित कार्यकाल पूरा होने के बाद किया गया स्थानांतरण बताया जा रहा है।