वाराणसी में CNG पंप के गोदाम में भीषण आग, 40 फीट तक उठीं लपटें; 11 दमकल गाड़ियां घंटों तक करती रहीं मशक्कत
वाराणसी के करखियांव स्थित गेल CNG पंप के गोदाम और यार्ड में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। 40 फीट ऊंची लपटों के बीच वाराणसी और जौनपुर की 11 दमकल गाड़ियां घंटों तक आग बुझाने में जुटीं। एहतियातन हाईवे की एक लेन भी बंद करनी पड़ी।
वाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र के करखियांव स्थित गेल (GAIL) के CNG पंप परिसर में शुक्रवार रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। पंप के पीछे बने गोदाम में शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते पूरे यार्ड को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें करीब 40 फीट तक उठने लगीं और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा। हालात को देखते हुए प्रशासन ने वाराणसी-जौनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-56) की एक लेन पर यातायात रोक दिया।
गोदाम में शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग
जानकारी के अनुसार करखियांव स्थित गेल CNG पंप के पीछे बने गोदाम में रात करीब 9:10 बजे अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। गोदाम में CNG पंप से संबंधित पाइप और अन्य उपकरण रखे हुए थे। शुरुआती प्रयास में पंप कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई।
कुछ ही देर में आग ने गोदाम से निकलकर पूरे यार्ड को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह हो गई कि उसकी लपटें और धुआं करीब दो किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगा।
वाराणसी और जौनपुर से बुलाई गईं 11 दमकल गाड़ियां
स्थिति गंभीर होते देख फूलपुर फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग पर तुरंत काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद वाराणसी के विभिन्न फायर स्टेशनों से अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गईं। आग की विकरालता को देखते हुए जौनपुर से भी दमकल वाहनों को मौके पर भेजा गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि वाराणसी और जौनपुर की कुल 11 दमकल गाड़ियां आग बुझाने में लगाई गईं। पानी खत्म होने पर वाहन पास स्थित एक बिस्कुट फैक्ट्री से लगातार पानी भरकर मौके पर पहुंचते रहे।
हाईवे की एक लेन बंद, इलाके में अफरा-तफरी
आग की भयावहता को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन वाराणसी-जौनपुर हाईवे की एक लेन बंद करवा दी। आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एग्रो पार्क की औद्योगिक इकाइयों में काम कर रहे कर्मचारी भी घटनास्थल की ओर पहुंच गए।
सुरक्षा के मद्देनजर पंप के आसपास के इलाकों को खाली करा दिया गया। रात 11 बजे तक आग पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी थी और लगातार लपटें उठती रहीं।
गेल पंप में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद गेल CNG पंप की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि CNG पंप जैसे संवेदनशील स्थल के ठीक पीछे उपकरणों का गोदाम बनाया जाना बड़ी लापरवाही है। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो आसपास स्थित कई औद्योगिक इकाइयां भी इसकी चपेट में आ सकती थीं।
निजी हाइड्रेंट ने बचाया बड़ा हादसा
बताया गया कि गेल पंप परिसर में आग बुझाने के लिए कोई हाइड्रेंट उपलब्ध नहीं था। ऐसे में पास स्थित बीडी वेंचर ग्रुप का हाइड्रेंट काम आया। उद्योगपति राजेश अग्रवाल और कौस्तुभ अग्रवाल के अनुसार, उनके परिसर में स्थापित तीन लाख लीटर क्षमता वाले हाइड्रेंट को तत्काल चालू किया गया, जिससे आग को फैलने से रोकने और दमकल कर्मियों को मदद मिली। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह व्यवस्था उपलब्ध नहीं होती तो एग्रो पार्क की एक दर्जन से अधिक फैक्ट्रियां भी खतरे में पड़ सकती थीं।
अधिकारियों ने क्या कहा
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि आग पहले गोदाम में शॉर्ट सर्किट से लगी और बाद में पूरे यार्ड तक फैल गई। आग की तीव्रता को देखते हुए कई जिलों की दमकल गाड़ियों को लगाया गया।
वहीं एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार ने बताया कि फायर सर्विस और पुलिस की टीमें मौके पर लगातार काम कर रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आग पर पूरी तरह काबू पाने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।