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पेड़ काटने पर फूटा मेयर का गुस्सा, अधिकारियों की लगाई क्लास, बोले- सुधर जाओ, नहीं तो थाने जाकर FIR करा दूंगा…

 

वाराणसी: शहर में विकास कार्यों के नाम पर नियमों की अनदेखी और मनमानी को लेकर वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने सख्त रुख अपनाया है। महमूरगंज स्थित अन्नपूर्णानगर कॉलोनी में पार्क निर्माण के दौरान पुराने पेड़ को काटे जाने और पार्क की जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत पर मेयर खुद मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से सवाल-जवाब करते हुए उन्होंने साफ कहा कि सरकारी जमीन, पार्क और पेड़ों से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पार्क निर्माण के दौरान काट दिया गया पुराना पेड़

अन्नपूर्णानगर कॉलोनी में स्मार्ट सिटी और नगर निगम की ओर से पार्क विकसित करने का काम चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान कॉलोनी के पुराने पेड़ों में शामिल एक पेड़ को काट दिया गया। लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर वर्षों से पेड़ मौजूद था, वहां अब पार्क विकसित किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने पार्क निर्माण में बड़े पैमाने पर कंक्रीट के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पार्क में हरियाली और मिट्टी का क्षेत्र बनाए रखने के बजाय कई हिस्सों में पक्का निर्माण किया जा रहा है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब शहर में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है, तो आखिर पुराने पेड़ को किसके आदेश पर काटा गया?

मेयर ने पूछा- पेड़ काटने का आदेश किसने दिया?

शिकायत मिलने के बाद मेयर अशोक तिवारी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से पेड़ काटे जाने को लेकर जानकारी मांगी। उन्होंने सीधे सवाल किया कि पेड़ किसके आदेश पर काटा गया और इसके लिए किस स्तर से अनुमति दी गई थी।

मेयर के सवालों पर मौके पर मौजूद अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। बताया गया कि अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आए। इस पर मेयर ने नाराजगी जताते हुए मामले में जिम्मेदारी तय करने और पूरे प्रकरण की जांच कराने के निर्देश दिए।

पार्क की जमीन पर कब्जे का भी आरोप

निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने पार्क की जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत भी मेयर के सामने रखी। लोगों का आरोप है कि पार्क की बड़ी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी और पार्क की जमीन को कब्जामुक्त कराने के बजाय आसपास पक्के निर्माण की अनुमति दी गई।

मेयर ने अधिकारियों से इस मामले में भी स्थिति स्पष्ट करने को कहा और सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

“पेड़ कैसे कटा…”

अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट मेयर का तेवर मौके पर काफी सख्त नजर आया। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा, “पेड़ कैसे कटा, आप लोग क्या कहते हैं… अभी भेलूपुर थाने जाकर आप लोगों के खिलाफ FIR करा दूं?”

मेयर ने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी जमीन, पार्क और पेड़ों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सुधर जाओ, नहीं तो मुकदमा दर्ज करवाऊंगा।

मेयर के इस सख्त रुख के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों में खलबली मच गई। अब पूरे मामले में पेड़ काटने की अनुमति, पार्क की जमीन पर कथित कब्जे और निर्माण कार्य में नियमों के पालन को लेकर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।