{"vars":{"id": "130921:5012"}}

शरद पूर्णिमा पर काशी में सजी सुरों की महफिल, ‘मेलोडीज ऑफ मूनलाइट’ में शास्त्रीय गायन ने बांधा समा

 

वाराणसी। शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में जब शास्त्रीय संगीत के सुर गूंजे, तो माहौल संगीत और सुरों की मिठास से सराबोर हो उठा। कला प्रकाश की ओर से सामने घाट स्थित होटल अविरल गंगा के प्रांगण में शरद पूर्णिमा के अवसर पर सांगीतिक कार्यक्रम ‘मेलोडीज ऑफ मूनलाइट’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से सम्मानित दिल्ली के प्रतिभाशाली युवा गायक युगल डॉ. अविनाश कुमार और डॉ. रिन्दाना रहस्य ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. रिन्दाना रहस्य ने राग मधुवन्ती के विलंबित ख्याल ‘सुनिये नाथ’ से की। इसके बाद उन्होंने इसी राग में तीनताल की द्रुत बंदिश ‘उनसो मोरी लगन लागी’ प्रस्तुत कर श्रोताओं को आनंदित किया। उनकी गायकी में राग की मधुरता और शास्त्रीय संगीत की बारीकियों का सुंदर संगम देखने को मिला।

इसके बाद डॉ. अविनाश कुमार ने राग जोगकौंस में पारंपरिक विलंबित ख्याल ‘सुघर वर पायो’ और द्रुत ख्याल ‘पीर पराई’ की सुमधुर प्रस्तुति दी। उनकी गायकी ने कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत की गंभीरता और भावपूर्ण अभिव्यक्ति को नया आयाम दिया।

एकल प्रस्तुतियों के बाद दोनों कलाकारों ने एक साथ राग चन्द्रकौंस और मधुकौंस में जसरंगी शास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया। विलंबित रूपक ताल में रचना ‘मधु चन्द्र की रोशनी’ के बाद तीनताल की बंदिश ‘आई चांदनी शरद की’ ने समां बांध दिया। इन प्रस्तुतियों के साथ कलाकारों ने अपनी गायकी का समापन किया। शरद पूर्णिमा की चांदनी और रागों की मधुरता ने इस सांगीतिक संध्या को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम में तबले पर सिद्धार्थ चक्रवर्ती और आनंद मिश्र ने संगत की, जबकि हारमोनियम पर मोहित साहनी ने अपनी कुशल संगत से प्रस्तुतियों को प्रभावशाली बनाया।

इस अवसर पर मधु केजरीवाल, पं. अनूप मिश्र, पं. बिरेन्द्रनाथ मिश्र, अभिजित अग्रवाल और पं. रबिन्द्र नारायण गोस्वामी ने कलाकारों का स्वागत किया। अशोक कपूर ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशीष जायसवाल ने किया। आयोजन का संयोजन डॉ. अनुराधा रतूड़ी ने किया।

कार्यक्रम में डॉ. अतुल्य रतन, डॉ. उन्मेश चक्रवर्ती, अरविन्द अग्रवाल सहित अनेक संगीत प्रेमी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में देशी-विदेशी श्रोताओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर शास्त्रीय संगीत की इस अनूठी शाम का आनंद लिया।