अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर MGKVP की अनूठी पहल, बालिका सुधार गृह की बच्चियों को सिखाए गए योग और प्राणायाम
Varanasi : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाजशास्त्र विभाग एवं महिला यौन उत्पीड़न प्रतिषेध समिति द्वारा रामनगर स्थित बालिका बाल सुधार गृह में आयोजित एक सप्ताह के योग प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया।
कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ उन्हें आत्मीयता और अपनत्व का अनुभव कराना है। अपने परिवारों से दूर रह रही बालिकाओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के दौरान उन्हें योग के महत्व से भी अवगत कराया गया।
कुलपति प्रो. त्यागी की प्रेरणा से योग प्रशिक्षण के दूसरे दिन बालिकाओं के बीच फलों का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम की संयोजक प्रो. अमिता सिंह ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली समग्र जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अवसाद और अनियमित जीवनशैली के बीच योग की उपयोगिता और अधिक बढ़ गई है तथा आज विश्वभर में इसे स्वास्थ्य, शांति और आत्मिक विकास के प्रभावी माध्यम के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।
इस अवसर पर योग प्रशिक्षिका सोनल त्रिपाठी और शिवांगी सिंह ने बालिकाओं को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक योग सत्र में भाग लिया और नियमित रूप से योग अपनाने का संकल्प लिया।