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नमो घाट पर पर्यटक की मौत मामले में मंत्री रविन्द्र जायसवाल सख्त, गार्ड पर FIR, एजेंसी ब्लैकलिस्ट

 

वाराणसी के नमो घाट पर तीर्थयात्री के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के बाद हुई मौत के मामले में प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल (Ravindra Jaiswal) ने घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।

मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त, वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड को पत्र लिखकर घटना को बेहद दुखद और गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना न सिर्फ मानवता को शर्मसार करने वाली है, बल्कि धार्मिक नगरी वाराणसी की छवि और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश

मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि स्मार्ट सिटी विभाग द्वारा घाट के मेंटनेंस के लिए नियुक्त एजेंसी के कर्मचारी तीर्थयात्रियों और दर्शनार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट करते हैं।

उन्होंने संबंधित कंपनी या एजेंसी की उच्च स्तरीय जांच कर उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

गार्ड-बाउंसर पर होगी कड़ी कार्रवाई

मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने उस गार्ड/बाउंसर कर्मचारी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है, जिस पर तीर्थयात्री के साथ मारपीट कर उसकी जान लेने का आरोप है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दोषियों के खिलाफ न्यायोचित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

मृतक के परिजनों को 5 लाख की सहायता

घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए मंत्री ने मृतक तीर्थयात्री के परिजनों को तत्काल 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।

यह घटना सामने आने के बाद वाराणसी में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच भी नाराजगी देखने को मिल रही है। प्रशासन अब पूरे मामले की जांच में जुट गया है।