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वाराणसी में मुहर्रम जुलूस पर रहेगी प्रशासन की कड़ी नजर, 12 फीट से ऊंचे ताजियों पर रोक

वाराणसी में मुहर्रम 2026 को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 12 फीट से ऊंचे ताजियों पर रोक लगाई गई है। जुलूस में हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पीस कमेटी बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

 

वाराणसी: मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को भेलूपुर स्थित डायमंड होटल में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधिकारियों, विभिन्न इमामबाड़ों के प्रतिनिधियों और ताजिया समितियों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में प्रशासन ने मुहर्रम के दौरान निकलने वाले ताजिया जुलूसों और आयोजनों को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।

12 फीट से अधिक ऊंचाई का ताजिया नहीं निकलेगा

बैठक को संबोधित करते हुए एसीपी गौरव कुमार ने स्पष्ट कहा कि इस वर्ष मुहर्रम के दौरान 12 फीट से अधिक ऊंचाई का कोई भी ताजिया नहीं निकाला जाएगा। सभी आयोजकों को निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक

प्रशासन ने साफ किया कि मुहर्रम जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र या हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुरानी परंपराओं का ही होगा पालन

अधिकारियों ने कहा कि मुहर्रम के अवसर पर केवल उन्हीं परंपराओं का पालन किया जाए जो पहले से चली आ रही हैं। किसी भी नई परंपरा या नई गतिविधि की शुरुआत की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है।

समय पर निकले और समय पर खत्म हों जुलूस

बैठक में जुलूसों के संचालन को लेकर भी निर्देश दिए गए। प्रशासन ने कहा कि सभी जुलूस निर्धारित समय पर शुरू किए जाएं और समय पर उनका समापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

वालंटियर्स की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश

प्रशासन ने प्रत्येक ताजिया समिति और आयोजन समिति से अपने-अपने वालंटियर्स की व्यवस्था करने को कहा है। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने में वालंटियर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

अधिकारियों ने कहा कि हर जुलूस और आयोजन के लिए संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय की जाएगी, जिससे किसी भी स्थिति में प्रशासन और आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।

सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील

पीस कमेटी की बैठक में सभी समुदायों के प्रतिनिधियों से आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि मुहर्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।