बेनियाबाग की अस्थाई बकरा मंडी पर नगर निगम का ताला, 250 व्यापारी परेशान
वाराणसी I वाराणसी में बकरीद से पहले हर साल लगने वाली बेनियाबाग की अस्थाई बकरा मंडी को सोमवार को नगर निगम ने अचानक बंद करा दिया। मंडी बंद किए जाने की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। नगर निगम की कार्रवाई से मंडी में मौजूद करीब 250 व्यापारी परेशान हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें सिर्फ एक घंटे के भीतर मंडी खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया।
बताया जा रहा है कि मंडी में पूर्वांचल समेत प्रदेश के कई जिलों से व्यापारी अपने बकरे लेकर पहुंचे थे। इनमें सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, एटा, इटावा, मैनपुरी, सीतापुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, कौशांबी, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर, देवरिया और गोरखपुर समेत कई जिलों के व्यापारी शामिल हैं।
व्यापारियों ने नगर निगम से दो दिन का समय देने की मांग की है। उनका कहना है कि वे अपने जानवरों को लेकर यहां से चले जाएंगे और भविष्य में दोबारा मंडी नहीं लगाएंगे। व्यापारियों के अनुसार गर्मी के मौसम में अचानक मंडी बंद होने से उनके सामने जानवरों को सुरक्षित रखने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, इस मंडी का करीब 22 लाख रुपये में टेंडर हुआ था। टेंडर लेने वालों का कहना है कि उन्हें भी अचानक कार्रवाई की जानकारी मिली और पहले से कोई सूचना नहीं दी गई।
जोनल अधिकारी और पुलिस फोर्स के साथ पहुंची टीम
सोमवार को नगर निगम की टीम जोनल अधिकारी और एसीपी दशाश्वमेध के साथ भारी पुलिस बल लेकर बेनियाबाग पहुंची। टीम ने मंडी में मौजूद व्यापारियों को बाहर निकालकर परिसर में ताला लगा दिया। बताया गया कि स्मार्ट सिटी की ओर से 10 दिनों के लिए मंडी का टेंडर किया गया था, जिसे नगर निगम ने निरस्त कर दिया।
हमें कोई सूचना नहीं दी गई
मंडी का ठेका लेने वाले बाबू माडल ने बताया कि उन्होंने स्मार्ट सिटी से करीब 22 से 24 लाख रुपये में ठेका लिया था। अचानक नगर निगम की टीम पहुंची और एक घंटे में मंडी खाली करने को कह दिया। उन्होंने कहा कि न तो पहले कोई सूचना दी गई और न ही कार्रवाई का कारण बताया गया।
उन्होंने कहा कि इस समय मंडी में करोड़ों रुपये का माल मौजूद है। कई व्यापारी लगातार जानवर लेकर पहुंच रहे थे, लेकिन अचानक हुई कार्रवाई से सभी परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि इतनी गर्मी में जानवरों को दूसरी जगह ले जाना बेहद मुश्किल है और इससे भारी नुकसान हो सकता है।