नगर निगम की बकायेदारों को चेतावनी : 31 मार्च तक सरचार्ज में छूट का मौका, नहीं तो होगी कुर्की!
वाराणसी। नगर निगम ने शहरवासियों को राहत देते हुए आवासीय और मिक्स्ड भवनों के जलकर व सीवर कर पर लगने वाले सरचार्ज में भारी छूट देने की घोषणा की है। यह छूट 31 मार्च तक ही मान्य होगी। इसके बाद बकाया कर जमा न करने वालों से चक्रवृद्धि ब्याज और भारी जुर्माने के साथ वसूली की जाएगी। नगर निगम ने बड़े बकायेदारों की सूची भी तैयार कर ली है, जिनके खिलाफ अप्रैल से कुर्की और अन्य विधिक कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, जिन भवन स्वामियों पर जलकर या गृहकर बकाया है, वे 31 मार्च से पहले भुगतान कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बच सकते हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नगर निगम ने 225.05 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके सापेक्ष अब तक 114.05 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। यह कुल लक्ष्य का लगभग 50.68 प्रतिशत है।
जोनवार स्थिति की बात करें तो वसूली के मामले में भेलूपुर जोन सबसे आगे है, जहां 68.66 प्रतिशत कर वसूली हो चुकी है। इसके बाद वरुणापार जोन 63.26 प्रतिशत और दशाश्वमेध जोन 58.88 प्रतिशत वसूली के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। वहीं आदमपुर जोन केवल 31.01 प्रतिशत वसूली के साथ सबसे निचले पायदान पर है। इसे देखते हुए निगम ने वित्तीय वर्ष के समापन से पहले गृहकर और जलकर की वसूली में तेजी ला दी है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते गृहकर व जलकर जमा कर दें। उन्होंने कहा कि नगर निगम डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रहा है, जिससे लोग क्यूआर कोड और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से घर बैठे कर जमा कर सकते हैं। इसके अलावा सभी जोनल कार्यालयों में भी टैक्स जमा करने की सुविधा उपलब्ध है।
नगर आयुक्त ने बताया कि गृहकर और जलकर से प्राप्त राशि का उपयोग शहर की सफाई व्यवस्था, सड़कों के सुधार, स्ट्रीट लाइट और जलापूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाता है। “स्वच्छ और सुंदर काशी” के संकल्प को पूरा करने के लिए नागरिकों का समय पर कर भुगतान करना बेहद जरूरी है।
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, शहर में कुल 2,32,683 भवन पंजीकृत हैं, जिनसे अब तक 114.05 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। इसमें गृहकर से 50.88 करोड़ रुपये और जलकर/सीवर कर से 63.16 करोड़ रुपये शामिल हैं। खास बात यह है कि रामनगर जोन ने अपने निर्धारित लक्ष्य से अधिक वसूली करते हुए 132 प्रतिशत से ज्यादा कर संग्रह किया है, जबकि हेड ऑफिस क्षेत्र में केवल 347 भवन होने के बावजूद 3.41 करोड़ रुपये की वसूली दर्ज की गई है।
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के बाद बकायेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, इसलिए समय रहते टैक्स जमा करना ही समझदारी है।