नाग पंचमी : अब गद्दों पर दम दिखाएंगे काशी के पहलवान, मंत्री रविंद्र जायसवाल ने 5 अखाड़ों को दिए 30 लाख के मैट
वाराणसी। नाग पंचमी के अवसर पर काशी के पारंपरिक अखाड़ों में सोमवार को कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख पांच अखाड़ों में पहलवानों ने गद्दे और मैट पर जोरदार दांव-पेंच दिखाए। इस पहल के तहत उत्तर प्रदेश सरकार में स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शहर उत्तरी विधायक रविंद्र जायसवाल ने अपनी विधायक निधि से करीब 30 लाख रुपये की लागत से पांच अखाड़ों को कुश्ती के गद्दे उपलब्ध कराए।
इन अखाड़ों में महावीर मंदिर अर्दली बाजार, फलाहारी बाबा अखाड़ा शिवपुर, स्वास्तिक व्यायामशाला ढेलवरिया और चतुरी पहलवान व्यायामशाला समेत क्षेत्र के पांच प्रमुख अखाड़े शामिल हैं। नाग पंचमी के मौके पर इन्हीं नए गद्दों पर पारंपरिक कुश्ती दंगल आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय पहलवानों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
अखाड़ों में पहुंचे मंत्री, पहलवानों का बढ़ाया उत्साह
मंत्री रविंद्र जायसवाल स्वयं विभिन्न अखाड़ों में पहुंचे और अपने हाथों पहलवानों को कुश्ती के गद्दे सौंपे। उन्होंने दंगल प्रतियोगिता भी देखी और पहलवानों का उत्साह बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कुश्ती भारतीय परंपरा और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। अखाड़ों की यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और इसे आधुनिक खेल सुविधाओं से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है। अखाड़ों में गद्दे और मैट की सुविधा मिलने से पहलवानों को सुरक्षित और बेहतर तरीके से अभ्यास करने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का मौका
रविंद्र जायसवाल ने कहा कि गद्दे और मैट पर आयोजित होने वाले दंगलों से स्थानीय पहलवानों को अपनी खेल क्षमता दिखाने का बेहतर मंच मिलेगा। इससे नई पीढ़ी भी कुश्ती की ओर आकर्षित होगी और स्थानीय स्तर पर छिपी प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सुविधाओं के विकास का काम आगे भी जारी रहेगा। पारंपरिक अखाड़ों को आधुनिक खेल सुविधाओं से जोड़कर युवा पहलवानों को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
नाग पंचमी के मौके पर आयोजित इन दंगलों में अखाड़ों का पारंपरिक माहौल भी देखने को मिला। पहलवानों के दांव-पेंच और दर्शकों के उत्साह ने आयोजन को खास बना दिया।