नगर आयुक्त का औचक निरीक्षण, गौशाला में साफ-सफाई, लाइटिंग और पशु उपचार सुधारने के आदेश
वाराणसी के नगर आयुक्त ने शहंशाहपुर स्थित नगर निगम गौशाला का निरीक्षण कर स्वच्छता, पशु स्वास्थ्य, प्रकाश और पौधरोपण सुधारने के निर्देश दिए। बीमार गौवंशों के बेहतर इलाज और गोबर से उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया। अधिकारियों को गौशाला को मॉडल के रूप में विकसित करने के आदेश दिए गए।
वाराणसी: नगर निगम की व्यवस्थाओं को बेहतर और सुव्यवस्थित बनाने के क्रम में नगर आयुक्त ने शुक्रवार को शहंशाहपुर स्थित नगर निगम गौशाला का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला में मौजूद व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया और स्वच्छता, पशु-स्वास्थ्य, प्रकाश व्यवस्था तथा हरित वातावरण को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशाला परिसर में व्यापक स्तर पर पौधरोपण कराया जाए और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गौवंशों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिल सके। इसके साथ ही गौवंशों की नियमित धुलाई और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने डिफॉगर मशीन का प्रभावी उपयोग करने, सभी गतिविधियों का सही ढंग से रजिस्टर में संधारण करने तथा बीमार पशुओं के त्वरित और समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
नगर आयुक्त ने गोबर से उप-उत्पाद तैयार कर गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि गौशाला की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि गौशाला में संरक्षित गौवंशों की देखभाल, पोषण और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार करते हुए गौशाला को एक मॉडल गौशाला के रूप में विकसित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान पशु कल्याण अधिकारी डॉ. संतोष पाल सहित नगर निगम के अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।