काशी विद्यापीठ में ‘नशा मुक्त भारत’ की गूंज, नुक्कड़ नाटक के जरिए युवाओं ने दिया जागरूकता का संदेश
Varanasi : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग की ओर से ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत रविवार को जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना, युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा स्वस्थ, सकारात्मक और जिम्मेदार जीवनशैली के महत्व को रेखांकित करना था।
नुक्कड़ नाटक में दिखाया कैसे जिंदगी पर हावी होती है नशे की लत
कार्यक्रम के दौरान विभाग के एमए प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने ‘नशा मुक्त भारत’ और ‘नशे की लत’ जैसे समसामयिक विषयों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए।
नाटकों के माध्यम से नशे की शुरुआत से लेकर धीरे-धीरे उसके लत में बदलने और फिर व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करने तक की स्थिति को प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने अभिनय के जरिए बताया कि नशे की लत न केवल संबंधित व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि उसके परिवार और सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल असर डाल सकती है।
परिवार पर पड़ने वाले प्रभाव को भी किया प्रस्तुत
नुक्कड़ नाटक में नशे के कारण परिवार में उत्पन्न होने वाली आर्थिक परेशानियों, तनाव, आपसी विवाद और सामाजिक समस्याओं को भी दिखाया गया। साथ ही नशे की लत से बाहर निकलने, सही मार्गदर्शन लेने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
‘नशे की लत’ नाटक में रजत चौरसिया, विनीत सिंह, आनंद कुमार पटेल, शुभम कुमार, फातिमा खानम, प्रियंका महापात्रा, रागिनी सिंह, समीक्षा चौधरी, काजल यादव, अंशिका कुशवाहा, निधि मिश्रा, श्वेता उपाध्याय, खुशी राय, राज प्रताप, खुशी उपाध्याय, संस्कृति जायसवाल, श्रुति सिंह और विश्वास सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. नीरज धनकड़, प्रो. नलिनी श्याम कामिल, डॉ. नवरत्न सिंह, डॉ. नीरज कुमार सोनकर, डॉ. रीना चटर्जी, डॉ. कविता आर्या, डॉ. किरन सिंह, डॉ. प्रियोदीप हलदार, प्रिंस प्रताप शेरा और अंशिका कुशवाहा सहित शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।