आयुष्मान योजना में लापरवाही पड़ी भारी : DM ने लगाई फटकार, तीन स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारियों का वेतन रोका
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
कम प्रगति पर सख्त कार्रवाई
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बीते 10 दिनों में आयुष्मान कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। खराब प्रदर्शन के चलते स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव, पिंडरा और हरहुआ के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
इतना ही नहीं, आयुष्मान सेल में कार्यरत कर्मियों के साथ-साथ बड़ागांव के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का वेतन भी अवरुद्ध कर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बनते, तब तक संबंधित कर्मियों का मानदेय जारी नहीं होगा।
हीट वेव को लेकर तैयार रहने के निर्देश
गर्मी के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को हीट वेव से बचाव के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में कूलर और एसी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में क्षमता के अनुसार सभी बच्चों को भर्ती किया जाए।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों से अधिक से अधिक बच्चों को संदर्भित करने पर भी जोर दिया और किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।
रैंकिंग बनाए रखने पर जोर
उत्तर प्रदेश हेल्थ डैशबोर्ड में वाराणसी के दूसरे स्थान पर रहने को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि स्वास्थ्य संकेतकों में लगातार सुधार बनाए रखें, ताकि जनपद की रैंकिंग प्रभावित न हो।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में टीबी नोटिफिकेशन रेट और प्रसव पूर्व जांच (ANC) बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, आरबीएसके और ‘सबल काशी’ पोर्टल पर पंजीकृत बच्चों के शीघ्र उपचार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।