UP पुलिस भर्ती परीक्षा में लापरवाही पड़ी भारी, वाराणसी के 4 प्रिंसिपलों का वेतन रोका
वाराणसी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2025 के दौरान लापरवाही बरतने वाले चार विद्यालयों के प्रधानाचार्यों पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने कड़ा एक्शन लिया है। वाराणसी के DIOS भोलेन्द्र प्रताप सिंह ने चारों प्रिंसिपलों का जून माह का वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही उनसे साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है।
मामला आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा से जुड़ा है, जिसके लिए परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए कार्मिकों का विवरण ऑनलाइन उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया था।
पहचान पत्र बनाने में हुई बड़ी लापरवाही
भर्ती परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी विद्यालयों को अपने यहां कार्यरत कार्मिकों का विवरण गूगल शीट के माध्यम से अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए संबंधित विद्यालयों को गूगल शीट का लिंक उपलब्ध कराया गया था और 6 जून तक सभी सूचनाएं फीड करने का आदेश जारी किया गया था।
हालांकि चार विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर जानकारी अपलोड नहीं की, जिसके चलते परीक्षा ड्यूटी में लगे कार्मिकों के पहचान पत्र तैयार नहीं हो सके।
इन विद्यालयों के प्रिंसिपलों पर हुई कार्रवाई
जिन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई की गई है, उनमें शामिल हैं, भारत सेवक समाज इंटर कॉलेज, हथियर, मारकंडेय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कैथी, रुक्मिणी उच्च माध्यमिक विद्यालय, बैजनत्था, राजकुमारी बालिका इंटर कॉलेज, कनियर।
DIOS कार्यालय के अनुसार इन विद्यालयों की लापरवाही के कारण परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की व्यवस्था प्रभावित हुई और प्रशासन को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
50 केंद्रों पर चल रही है भर्ती परीक्षा
वाराणसी में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 8 जून से शुरू हुई है, जो 10 जून तक आयोजित की जा रही है। जिले के कुल 50 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संपन्न कराई जा रही है।
परीक्षा संचालन के लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में प्रत्येक ड्यूटीधारी का पहचान पत्र तैयार करना और उसकी पुष्टि करना प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना गया था।
ड्यूटी कटवाने की कोशिशों पर भी थी सख्ती
सूत्रों के अनुसार भर्ती परीक्षा के दौरान कई शिक्षक और कर्मचारी विभिन्न कारणों का हवाला देकर ड्यूटी कटवाने का प्रयास कर रहे थे। इसे देखते हुए पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि बिना उचित कारण किसी की ड्यूटी नहीं हटाई जाएगी और हर मामले की जांच की जाएगी।
इसी प्रक्रिया के तहत सभी कार्मिकों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा था, लेकिन चार विद्यालयों द्वारा जानकारी अपलोड नहीं किए जाने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हुई।
भर्ती बोर्ड ने जताई नाराजगी
मामले को गंभीर मानते हुए भर्ती बोर्ड ने भी इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की है। बोर्ड की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया गया कि संबंधित प्रधानाचार्यों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोका जाए तथा उनसे तत्काल साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए।
DIOS ने मांगा जवाब
जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि निर्धारित निर्देशों की अवहेलना और परीक्षा व्यवस्था प्रभावित होने के कारण चारों प्रधानाचार्यों का जून माह का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्राप्त स्पष्टीकरण और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।