गुरु पूर्णिमा पर संत रविदास जन्मस्थली पहुंचेंगे नितिन नवीन और CM योगी; 131 कलशों से देशभर में जाएगी मिट्टी
वाराणसी: गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वाराणसी स्थित संत रविदास जन्मस्थली पर इस बार एक विशेष कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहली बार संत रविदास जन्मस्थली पहुंचेंगे। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। इस दौरे को 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
भाजपा लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश में सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है, जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी को चुनौती देने की रणनीति पर भी काम कर रही है। ऐसे में संत रविदास को मानने वाले दलित समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर इस कार्यक्रम को देखा जा रहा है।
131 कलशों में रविदास जन्मस्थली की मिट्टी जाएगी देशभर
कार्यक्रम के तहत संत रविदास जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी 131 कलशों में भरकर देश के उन स्थानों तक पहुंचाई जाएगी, जहां संत रविदास ने अपने जीवनकाल में प्रवास किया था या उनसे जुड़े धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं। इसका उद्देश्य संत रविदास के विचारों और संदेश को देशभर में पहुंचाना बताया जा रहा है।
रविदास पार्क में जनसभा को करेंगे संबोधित
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन संत रविदास जन्मस्थली के समीप स्थित संत रविदास पार्क में आयोजित जनसभा को भी संबोधित करेंगे। पार्टी का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में संत रविदास को मानने वाले समाज की बड़ी आबादी है, जो कई विधानसभा सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाती है।
पहली बार गुरु पूर्णिमा पर होगा ऐसा आयोजन
आमतौर पर संत रविदास जन्मस्थली पर बड़े राजनीतिक नेताओं का आगमन रविदास जयंती के अवसर पर होता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई राष्ट्रीय नेता यहां पहले भी आ चुके हैं। हालांकि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर किसी बड़े राजनीतिक नेता का इस तरह का दौरा पहली बार होने जा रहा है।
2027 चुनावों से जोड़े जा रहे सियासी संकेत
राजनीतिक जानकार इस दौरे को 2027 के उत्तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देख रहे हैं। दोनों राज्यों में संत रविदास को मानने वाले दलित मतदाताओं की बड़ी संख्या है और भाजपा इस वर्ग के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश में जुटी है। यह भी माना जा रहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन के लिए उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनाव उनके नेतृत्व की पहली बड़ी परीक्षा होंगे।