अब लापरवाही पड़ेगी भारी : बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़े तो DL सस्पेंड, RC भी होगी निरस्त
वाराणसी में सड़क सुरक्षा को लेकर डीएम सत्येंद्र कुमार ने बड़ा फैसला लिया है। बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने पर DL सस्पेंड, RC निरस्त और बिना पार्किंग वाले मैरिज हॉल सीज किए जाएंगे। नाबालिग ड्राइविंग पर FIR और दुर्घटनाओं में 5 मिनट में एंबुलेंस पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
वाराणसी: सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन और गंभीर मामलों में निरस्तीकरण के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐसे वाहनों के रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र (RC) को भी सस्पेंड करने के आदेश दिए गए हैं।
सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने IRAD (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) के आंकड़ों की समीक्षा की। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकतर दुर्घटनाएं पेट्रोल पंप, ढाबों, चौराहों, अंडरपास और सर्विस लेन के मर्जिंग पॉइंट्स पर हो रही हैं। इस पर डीएम ने बिना उचित सर्विस लेन के संचालित पेट्रोल पंपों और सीएनजी स्टेशनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज करने के निर्देश दिए।
बिना पार्किंग वाले मैरिज हॉल होंगे सीज
डीएम ने पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिया कि जिन विवाह भवनों में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है, उन्हें चिन्हित कर सीज किया जाए। ऐसे स्थानों के लाइसेंस निरस्त करने की भी बात कही गई, क्योंकि ये सड़क दुर्घटनाओं और जाम का बड़ा कारण बन रहे हैं।
दुर्घटना के बाद 5 मिनट में पहुंचेगी एंबुलेंस
दुर्घटनाओं के बाद त्वरित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए NHAI और PWD को प्रमुख मार्गों पर नजदीकी अस्पतालों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एंबुलेंस की तैनाती इस तरह की जाएगी कि किसी भी हादसे के 5 मिनट के भीतर सहायता पहुंच सके। डायल-100 PRV वाहनों में भी अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी।
नाबालिग ड्राइविंग पर सख्त कार्रवाई
बैठक में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई गई। डीएम ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में अभिभावकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, भारी जुर्माना लगाया जाए और जरूरत पड़ने पर FIR भी दर्ज की जाए।
स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने एआरटीओ को निर्देशित किया कि सभी स्कूल वाहनों में स्पीड गवर्नर, GPS ट्रैकिंग और सीट बेल्ट जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से लागू हों। साथ ही स्कूल प्रबंधन को ड्राइवरों का नियमित हेल्थ चेकअप (हृदय व नेत्र परीक्षण) कराने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन का लक्ष्य: सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात
डीएम ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आम जनता के सहयोग से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। इन सख्त फैसलों के जरिए वाराणसी में दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।