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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर वाराणसी में एक दिवसीय उपवास, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

 

वाराणसी में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को साझा संस्कृति मंच की ओर से एक दिवसीय उपवास का आयोजन किया गया। शास्त्री घाट (वरुणापुल) पर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।



साझा संस्कृति मंच का कहना है कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं, सरकारी शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा, शिक्षा के बढ़ते निजीकरण और महंगी होती पढ़ाई के कारण करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। मंच का आरोप है कि शिक्षा का अधिकार धीरे-धीरे बाजार आधारित व्यवस्था में बदलता जा रहा है, जिसका सबसे अधिक असर गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों पर पड़ रहा है।

दिल्ली में चल रहे आंदोलन के समर्थन में आयोजित हुआ कार्यक्रम

मंच ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर वैज्ञानिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक समेत कई छात्र-युवा शिक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी आंदोलन के समर्थन में वाराणसी में उपवास रखा गया और सरकार से आंदोलनकारियों से संवाद शुरू करने की मांग की गई।

ये रहीं प्रमुख मांगें

ज्ञापन में केंद्र सरकार से छह प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने, सभी पेपर लीक और परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने, सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने तथा सभी छात्रों को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग शामिल है। साथ ही दिल्ली में अनशन कर रहे आंदोलनकारियों से तत्काल वार्ता शुरू करने की भी अपील की गई।

नारों और प्लेकार्ड के साथ जताया विरोध

प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने "शिक्षा बचाओ–भविष्य बचाओ", "पेपर लीक बंद करो–छात्रों को न्याय दो", "शिक्षा सबका अधिकार है, व्यापार नहीं" और "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" जैसे नारे लिखे प्लेकार्ड हाथों में लेकर विरोध दर्ज कराया।

कार्यक्रम में नंदलाल मास्टर, रामजनम यादव, फादर आनंद, नीति भाई, डॉ. धनंजय त्रिपाठी, जागृति राही, एडवोकेट अबू हाशिम, एडवोकेट अब्दुल्लाह, ज्योति गुप्ता, डॉ. अनूप श्रमिक, एकता शेखर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, छात्र और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।