OpenAI ने डॉक्टरों के लिए लॉन्च किया 'ChatGPT for Healthcare', अब कागजी काम में मिलेगी AI मदद
नई दिल्ली। अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और अन्य हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स अक्सर मरीज की हिस्ट्री, रेफरल लेटर, लैब रिपोर्ट्स और अन्य डॉक्यूमेंट्स के ढेर से जूझते दिखते हैं। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन एडमिनिस्ट्रेटिव बोझ को कम करने के लिए तैयार है। OpenAI ने जनवरी 2026 में ChatGPT for Healthcare लॉन्च किया है, जो खासतौर पर डॉक्टरों और क्लिनिकल टीमों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
यह नया टूल डॉक्टरों को मेडिकल डॉक्यूमेंटेशन, डिस्चार्ज समरी, पेशेंट इंस्ट्रक्शंस, प्रायर ऑथराइजेशन लेटर्स और क्लिनिकल रिसर्च जैसे कामों में तेजी लाने में मदद करेगा। OpenAI का दावा है कि यह डॉक्टरों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उनके सहायक के रूप में काम करेगा। AI ड्राफ्ट तैयार करेगा, जिसे डॉक्टर रिव्यू, एडिट और अप्रूव करने के बाद आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बना सकेंगे।
कंपनी ने कहा कि यह टूल HIPAA कंप्लायंट है और प्रमुख अस्पतालों जैसे AdventHealth, Cedars-Sinai, HCA Healthcare, Memorial Sloan Kettering Cancer Center और UCSF में पहले से रोलआउट हो चुका है। GPT-5 मॉडल्स पर आधारित यह सिस्टम मेडिकल रिसर्च को सिंथेसाइज करने, पेशेंट डेटा के साथ जोड़ने और एविडेंस-बेस्ड रीजनिंग में भी सहायता प्रदान करेगा।
एक्सपेरिमेंटल से प्रैक्टिकल AI की ओर बदलाव
यह लॉन्च AI के इस्तेमाल में एक बड़े शिफ्ट को दर्शाता है। पहले AI मुख्य रूप से बीमारी की पहचान या रिसर्च तक सीमित था, लेकिन अब यह रोजमर्रा के क्लिनिकल वर्कफ्लो—खासकर पेपरवर्क और एडमिनिस्ट्रेटिव टास्क्स—में व्यावहारिक मदद कर रहा है। इससे डॉक्टरों को मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए ज्यादा समय मिल सकेगा।
अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (AMA) के 2026 सर्वे के अनुसार, 81% डॉक्टर अब अपनी प्रैक्टिस में AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो 2023 के 38% से दोगुना से भी ज्यादा है। डॉक्टरों का औसतन 2.3 यूज केसेज बढ़ा है, जिसमें डॉक्यूमेंटेशन, रिसर्च समरी और स्टैंडर्ड्स ऑफ केयर शामिल हैं।
इंटरनेट यूजर्स ने इस विकास पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने माना कि डॉक्टरों पर एडमिनिस्ट्रेटिव काम का बोझ बहुत भारी पड़ रहा है और AI इससे राहत दिला सकता है।
OpenAI ने स्पष्ट किया कि यह टूल डायग्नोसिस या ट्रीटमेंट की जगह नहीं लेगा, बल्कि केवल सहायक भूमिका निभाएगा। डॉक्टरों को हमेशा अंतिम निर्णय लेना होगा।
यह कदम हेल्थकेयर सेवाओं को और कुशल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां AI अब एक्सपेरिमेंटल स्टेज से निकलकर प्रैक्टिकल एप्लीकेशंस में उतर चुका है।