प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस के खिलाफ अभिभावक संघ का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन
Varanasi : निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली के खिलाफ काशी अभिभावक संघ ने जिला प्रशासन के समक्ष आवाज उठाई है। संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए यू.पी. स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क का निर्धारण) अध्यादेश 2018 को सख्ती से लागू कराने की मांग की।
अभिभावक संघ का आरोप है कि प्रदेश सरकार द्वारा तय नियमों के बावजूद प्राइवेट स्कूल लगातार अधिक फीस, री-एडमिशन शुल्क, महंगी ड्रेस और किताबों के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं।
क्या है अभिभावकों की मुख्य मांगें
संघ ने मांग की है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निर्धारित शुल्क को सभी निजी विद्यालय अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करें और उसी के अनुसार फीस लें। इसके अलावा अवैध रूप से वसूले गए री-एडमिशन शुल्क को वापस कर मासिक फीस में समायोजित किया जाए।
अभिभावकों ने यह भी कहा कि स्कूलों द्वारा किताब और स्टेशनरी के नाम पर किसी विशेष दुकान से खरीदने का दबाव बंद किया जाए तथा एनसीईआरटी की किताबें ही अनिवार्य रूप से लागू हों। यूनिफॉर्म और अन्य गतिविधियों के नाम पर हो रही अतिरिक्त वसूली पर भी रोक लगाने की मांग की गई।
आरटीई नियमों के पालन की भी मांग
संघ ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत 25% सीट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करने और उनसे किसी प्रकार का शुल्क न लेने के नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की भी मांग की।
अभिभावकों ने दी आंदोलन की चेतावनी
संघ ने प्रशासन से 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि नियमों का पालन नहीं कराया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
अधिवक्ता डॉ. शम्मी कुमार सिंह ने बताया कि निजी स्कूल शिक्षा के नाम पर व्यापार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कम आय वाले अभिभावकों के लिए बढ़ती फीस एक बड़ी समस्या बन गई है और इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।