फीस मनमानी के खिलाफ अभिभावक एकजुट, ‘काशी अभिभावक संघ’ का गठन, डीएम को सौंपेंगे ज्ञापन
वाराणसी: शहर के निजी स्कूलों द्वारा बढ़ती फीस और अन्य शुल्कों को लेकर अभिभावकों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर जवाहर नगर में अभिभावकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ संगठित होकर आवाज उठाने का निर्णय लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से ‘काशी अभिभावक संघ’ के गठन की घोषणा की गई।
बैठक में यह भी तय किया गया कि अभिभावकों की समस्याओं को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उपस्थित अभिभावकों ने कहा कि कई निजी स्कूल फीस, किताब, स्टेशनरी, ड्रेस और विभिन्न गतिविधियों के नाम पर अत्यधिक शुल्क वसूल रहे हैं, जिससे अभिभावक और विद्यार्थी दोनों आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं।
अभिभावकों ने बताया कि उनकी समस्याओं के समाधान और अधिकारों की रक्षा के लिए इस संघ का गठन किया गया है, ताकि उनकी आवाज प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिलाधिकारी को दिए जाने वाले ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें शामिल होंगी। पहली मांग के तहत सभी निजी स्कूलों को अपनी फीस की पूरी जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने का निर्देश देने की बात कही जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
दूसरी मांग में स्कूलों द्वारा ली जाने वाली री-एडमिशन फीस को समाप्त कर उसे मासिक शुल्क में समाहित करने की मांग रखी जाएगी। तीसरी मांग के तहत एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों को अनिवार्य करने की बात कही जाएगी, ताकि अभिभावकों को महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े।
वहीं चौथी प्रमुख मांग में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत 25 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करने और उनसे किसी भी प्रकार का शुल्क न लेने की बात शामिल होगी।
बैठक में डॉ. शम्मी कुमार सिंह (अधिवक्ता), अभिषेक श्रीवास्तव ‘गोलू’ (महानगर मंत्री, हिंदू युवा वाहिनी वाराणसी), राजेश सिंह, काशी सिंह, जितेंद्र सिंह, देवेंद्र पांडेय, राहुल नागवानी, अंकित सेठ और गणेश रावत सहित कई अभिभावक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन राजेश सिंह राजपूत ने किया।