SBI कर्मी बनकर किया फोन, WhatsApp से डाउनलोड कराया ऐप, IIT-BHU की PhD स्कॉलर के खाते से उड़ाए ₹46 हजार
वाराणसी। IIT-BHU की PhD स्कॉलर आंचल अग्रहरि साइबर ठगी का शिकार हो गईं। जालसाज ने खुद को SBI क्रेडिट कार्ड का प्रतिनिधि बताकर उन्हें फोन किया और क्रेडिट कार्ड से होने वाले कथित ऑटो-डेबिट को बंद कराने के नाम पर WhatsApp के जरिए एक ऐप डाउनलोड कराया। ऐप इंस्टॉल करने के कुछ देर बाद ही उनके मोबाइल का कामकाज प्रभावित हो गया और खाते से ₹46,118 निकल गए।
पीड़िता की तहरीर पर लंका पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उस खाते और लेनदेन से जुड़े अन्य विवरणों की जांच कर रही है, जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई।
SBI कर्मी बनकर किया फोन
आंचल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 28 जून 2026 की शाम करीब 4:30 बजे उनके मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को SBI क्रेडिट कार्ड का प्रतिनिधि बताया।
आरोप है कि जालसाज ने उनसे कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड पर एक ऐसी योजना सक्रिय हो गई है, जिसके चलते हर महीने उनके खाते से ₹2,200 का ऑटो-डेबिट हो जाएगा। इसे बंद कराने के लिए उसने WhatsApp पर एक ऐप भेजने और उसे इंस्टॉल करने को कहा।
ऐप इंस्टॉल करते ही मोबाइल का कामकाज हुआ प्रभावित
आंचल के मुताबिक, उन्होंने जालसाज की बात पर भरोसा कर WhatsApp से भेजा गया ऐप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद आरोपी ने उनसे डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भी उस ऐप में दर्ज कराई।
कुछ ही देर बाद मोबाइल में बफरिंग होने लगी और स्क्रीन पर कोई भी काम ठीक से नहीं हो पा रहा था। कुछ समय बाद मोबाइल सामान्य हुआ, लेकिन तब तक जालसाज अपना काम कर चुका था।
शाम 5:30 बजे खाते से कटे ₹46,118
आंचल ने बताया कि मोबाइल के असामान्य व्यवहार से उन्हें साइबर फ्रॉड का शक हो गया था। इसी बीच शाम करीब 5:30 बजे उनके मोबाइल पर बैंक खाते से जुड़ा मैसेज आया। मैसेज देखकर उन्हें पता चला कि खाते से ₹46,118 डेबिट हो चुके हैं।
शिकायत के अनुसार, यह रकम ZEPTOMARKETPLACE प्राइवेट लिमिटेड के खाते में ट्रांसफर हुई।
घटना के बाद आंचल ने साइबर हेल्पलाइन और उपलब्ध साइबर प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर मामले की शिकायत की।
पुलिस ने शुरू की जांच
आंचल की तहरीर के आधार पर लंका पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस फोन करने वाले व्यक्ति, इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, ऐप और जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई, उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि बैंक या क्रेडिट कार्ड से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के नाम पर WhatsApp से भेजे गए अनजान ऐप को डाउनलोड करना और बैंक/कार्ड की जानकारी साझा करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।