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आंगनबाड़ी निरीक्षण में खुली पोल: बच्चे का वजन-लंबाई रिकॉर्ड में ज्यादा, CDO ने सुपरवाइजर को किया निलंबित

वाराणसी के सिकरौल आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण में बच्चों की लंबाई और वजन रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई। CDO प्रखर कुमार सिंह ने मौके पर सुपरवाइजर को फटकार लगाई और निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बच्चों की पढ़ाई और पोषण व्यवस्था की भी जांच की गई।

 

वाराणसी: आंगनबाड़ी केंद्रों की वास्तविक स्थिति परखने के लिए मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रखर कुमार सिंह नगर क्षेत्र के सिकरौल स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। करीब एक घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, पोषण और रिकॉर्ड व्यवस्था की गहन जांच की। इस दौरान कई अहम सवाल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजर से पूछे गए। निरीक्षण के बीच उस समय हड़कंप मच गया जब एक बच्चे के रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर सामने आया।

बच्चे के रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ी, मौके पर खुली पोल

निरीक्षण के दौरान CDO ने शिवांश नाम के एक बच्चे को बुलाकर उसके स्वास्थ्य और शारीरिक विकास की जानकारी ली। जब रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों का मिलान किया गया तो पाया गया कि बच्चे की लंबाई और वजन वास्तविकता से काफी अधिक दर्ज किया गया था।

मौके पर बच्चे की स्थिति रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी। इस खुलासे के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित सुपरवाइजर शीला राव से जवाब मांगा, लेकिन वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं।

CDO ने लगाई फटकार, सस्पेंड करने के निर्देश

रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आने के बाद CDO प्रखर कुमार सिंह ने सुपरवाइजर को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह को निर्देश दिया कि मामले में लापरवाही बरतने वाली सुपरवाइजर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू की जाए। CDO ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े रिकॉर्ड में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बच्चों की पढ़ाई और पोषण व्यवस्था की भी जांच

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी देखा कि आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को किस प्रकार पढ़ाया जा रहा है और उन्हें मिलने वाले पोषण आहार की व्यवस्था कैसी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बच्चों की उपस्थिति, पोषण सामग्री और गतिविधियों को लेकर कई सवाल किए। बाद में उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से केले वितरित किए और उनके साथ समय भी बिताया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने भी दी चेतावनी

जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह ने निरीक्षण के बाद सभी सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर आने वाले बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और रिकॉर्ड को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया कि बच्चों से जुड़े हर रिकॉर्ड को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायत दोबारा सामने न आए।